Wednesday, June 23, 2021

 

 

 

लव जिहाद मामले में गिरफ्तार युवक के परिजन का आरोप – ‘पुलिस ने बनाया फर्जी केस, कर रहे परेशान’

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गैर कानूनी धर्म परिवर्तन अध्यादेश को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा बरेली जिले में पहला केस दर्ज कर गिरफ्तार किए गए युवक के परिजनों ने यूपी पुलिस पर फर्जी केस दर्ज कर परेशान करने का आरोप लगाया है। परिजन का दावा है कि महिला के रिश्तेदारों ने पुलिस के दबाव में केस दर्ज किया।

जनसत्ता ने बरेली ग्राम प्रधान ध्रुव राज के हवाले से लिखा कि यह मसला तो दोनों परिवारों के बीच सुलझ गया था, जिसमें महिला हिंदू परिवार की थी और उसने अप्रैल में गैर-धर्म के शख्स (ओवैस अहमद) से शादी की थी। उन्होने पुलिस के रवैये पर हैरानी भी जताई।

ओवैस के पिता (70) मोहम्मद रफीक ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया, “पुलिस ने उसे पीटा, क्योंकि वे उसे खोज रहे थे। वह हमारे 10 बच्चों में सबसे छोटा है और बुधवार को उसे अरेस्ट किया गया था।”

उन्होंने बताया कि ‘लव जिहाद’ के आरोप न केवल दुख पहुंचाने वाले थे बल्कि डराने वाले भी थे। बकौल पीड़ित के पिता, “महिला के परिवार वाले अच्छे लोग हैं। हमारा उनसे कोई विवाद नहीं है। मुझे मालूम है कि उन्होंने मेरे बेटे के खिलाफ एफआईआर नहीं कराई है। लड़की के पिता मुझसे मिले थे और उन्होंने कहा था कि वह इस केस में मुझे पूरा समर्थन देंगे। पर पुलिस ने तारीफें और प्रमोशन बंटोरने के लिए एफआईआर दर्ज कर दी। उन्होंने मुझे भी मारा और शायद लड़की के परिवार को भी धमका रहे हों।”

मामले में बरेली रेंज के डीआईजी राजेश पांडे का कहना है कि अगर हमें पहले शिकायत मिलती, तब हम पहले ही एफआईआर दर्ज कर लेते…ऐसा भी तो हो सकता है कि शिकायत 27 नवंबर को आई हो और उसी समय केस दर्ज हो गया हो, जब कानून पास हुआ हो।

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