सोशल मीडिया पर रामदेव बाबा का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमे वह एक हाथी की पीठ पर बैठकर योगा कर रहे है। लेकिन हाथी के हिलने से उनका संतुलन बिगड़ गया और वह हाथी की पीठ से फिसकर नीचे गिर पड़े।

इस घटना के बाद अभी रामदेव चौट से उबर भी पाए नहीं होंगे कि आगरा के अधिवक्ता नरेन्द्र शर्मा ने गुरूवार वन्यजीव पशु अधिनियम का दुरूपयोग करने का आरोप लगाते हुए  नोटिस भेजा है। जिसमें उन्होंने सात दिन का उनसे जबाव मांगा है, अन्यथा की स्थिति में कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।

बताया जा रहा है कि बाबा रामदेव ने मथुरा के रणरेती आश्रम में योग शिविर लगाया था। जहां वो हाथी पर बैठकर संतों को योग सिखा रहे थे। तभी अचानक उनका बैलेंस बिगड़ गया और वे सीधे नीचे गिर गए।

अधिवक्ता नरेंद्र शर्मा का कहना है कि हाथी की पीठ पर सवार होकर योग क्रिया करके योग गुरु बाबा रामदेव क्या संदेश समाज को देना चाहते हैं, क्या आम जनता भी इसी तरह से किसी न किसी वन्यजीव या पशु के ऊपर सवार होकर अत्याचार करे। पशु को अपने वश में करके योग क्रियाएं करें।

उन्होने कहा, हाथी पर योग क्रियाएं करके बाबा रामदेव ने वन्यजीव अधिनियम के तहत एक पशु क्रूरता का अपराध किया है। इसलिए बाबा रामदेव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे। वैसे भी हाथी को भगवान गणेश जी की मूरत स्वरूप गजानन के रूप में पूजा जाता है। यह वन्यजीव अधिनियम के तहत एक अपराध है।

अधिवक्ता नरेश शर्मा का कहना है कि यदि योग क्रिया के दौरान हाथी विदक जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। पहले भी कई बार हाथियों के उग्र होने से लोगों की जानें जा चुकी हैं। अतः क्या बाबा रामदेव इस तरह से हाथी पर योग क्रिया करके लोगों की जान लेने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि देश में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम भी लागू है।

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