महाराष्ट्र सरकार राज्य में मीट की दुकानों, मांसाहारी भोजनालयों, बियर बार्स, परमिट रूम्स द्वारा अपने व्यवसायों के नाम देवी-देवताओं के नाम पर रखे जाने से रोकने ले लिए जल्द ही कानून लाने वाली हैं.

इस बारें में शुल्क मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया, ‘फिलहाल ऐसे गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए कानून नहीं है. प्रस्तावित कानून का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए मजदूरी और उत्पाद शुल्क विभाग जॉइंट मीटिंग करेंगे.’ एनसीपी लीडर अमर सिंह पंडित और अन्य सदस्यों द्वारा नोटिस दिए जाने पर बावनकुले ने ये जवाब दिया.

बावनकुले ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार जुलाई में होने वाले मॉनसून सेशन में कानून लेकर आएगी. मंत्री बावनकुले ने कहा कि शराब की दुकानों और बियर बार के नामों के लिए देवी-देवताओं का इस्तेमाल उचित नहीं है.

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इस मुद्दे पर पंडित ने कहा कि कई शराब की दुकानों और बियर बार्स के नामों में ‘जय अम्बे’ या ‘राणाप्रताप बियर बार’ या ‘महालक्ष्मी तमाशा फाड़’ लिखा होता है. उन्होंने इसे इतिहास से छेड़छाड़ करने की कोशिश बताया। लिहाजा सरकार इसके लिए कानून लेकर आए.

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