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राजस्थान विधानसभा चुनावों के परिणाम मंगलवार को आने है। ऐसे में मुस्लिम समुदाय की नजरे परिणाम का इंतजार कर रही है। दरअसल, राजस्थान में कांग्रेस ने 15 जबकि भाजपा ने विधानसभा चुनावों के लिए महज एक मुस्लिम उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारा है।

11 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले इस राज्य में 82 विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां एक भी मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव मैदान में नहीं है। राज्य के अनारक्षित 141 विधानसभा क्षेत्रों में से सिर्फ 59 सीटों पर ही इस बार मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। 82 सीटों पर तो एक भी उम्मीदवार खड़ा नहीं हुआ। 82 सीटों पर 83 मुस्लिम प्रत्याशी चुनाव लड़े है।

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ऐसे में जानना जरूरी है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में एक मुस्लिम विधायक भी शपथ ले चुके हैं। बरकतुल्लाह खान राजस्थान के इकलौते मुस्लिम मुख्यमंत्री रहे है। अलवर जिले की तिजारा विधानसभा से कांग्रेस के विधायक रहे बरकतुल्लाह खान 9 जुलाई 1971 से 11 अक्टूबर 1973 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे है। साल 1920 में जोधपुर में जन्में बरकतुल्लाह खान की 11 अक्टूबर 1973 को हार्ट अटैक से मौत हो गई थी।

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बता दें कि कांग्रेस ने पिछले 4 चुनावों में 64 मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट दिया है जिनमें से 26 चुनाव जीतने में कामयाब रहे हैं। वहीं बीजेपी ने पिछले 4 चुनावों में 14 मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट दिया है जिनमें से 6 चुनाव जीतने में कामयाब रहे। इसका अर्थ यह है कि राजस्थान में कांग्रेस की तुलना में बीजेपी के मुस्लिम प्रत्याशियों की जीत का औसत ज्यादा रहा है।

राज्य की 200 विधानसभा सीटों में से कम से कम 36 सीटें ऐसी हैं, जहां मुस्लिम वोटरों की अच्छी खासी तादाद है। इन 36 सीटों में से 15 सीटों के नतीजों को मुसलमान वोटर प्रभावित करते हैं। वहीं 8-10 सीटें ऐसी हैं, जहां मुस्लिम वोट नतीजे तय करते हैं।

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