तिरुवनंतपुरम: केरल टूरिजम के बीफ से बने डिश को ट्विटर पर प्रमोट करने पर विवाद खड़ा हो गया है जिसके बाद माकपा नीत एलडीएफ सरकार ने शुक्रवार को सफाई दी कि उनका मकसद किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करना नहीं है।

पर्यटन मंत्री कडकमपल्ली सुरेंद्रन ने केरल के व्यंजन ‘बीफ उलरतियातु’ पर पर्यटन विभाग के ट्वीट की आलोचना करने वालों पर इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश का आरोप लगाया और कहा कि इस दक्षिणी राज्य में खानपान का धर्म से कोई लेनादेना नहीं है।

उन्होंने आगे कहा, “कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इस मुद्दे को लेकर यह कहते हुए धार्मिक भावना भड़काना चाहते हैं कि सोशल साइट्स पर ‘पोर्क की तस्वीर’ डाल कर देखो।  कई डिशेज, यहां तक कि पोर्क की तस्वीरें भी पहले से साइट्स पर मौजूद हैं। संभव है कि उन्होंने अन्य पोस्ट देखी ही ना हो।”

के सुरेंद्रन ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीफ के अंतर्गत भैंसे का मांस भी आता है लेकिन कुछ लोग केरल सरकार को गलत साबित करने के लिए और उन्माद फैलाने के लिए इसे गोमांस से जोड़कर दिखा रहे हैं। हमारे राज्यों मे कई वीआईपी आते हैं और वो इस तरह के खानपान की मांग रखते हैं। वो यहां बीफ, पोर्क और मछली खाना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमलोग खानपान को बढ़ावा देने के लिए अपने सोशल साइट्स पर फोटो और वीडियो डालते रहते हैं। जिसके जरिए लोगों को चावल, चिकेन, डक और पोर्क के कई व्यंजनों की रेसिपी बताई जाती है।

बता दें कि पर्यटन विभाग के ट्वीट में एक व्यंजन बनाने की विधि के साथ लिखा गया, ‘‘खुशबूदार मसालों, नारियल के टुकड़ों और कड़ी पत्ते के साथ धीमी आंच पर भूने गये बीफ के नर्म टुकड़े। मसालों की धरती केरल से शानदार डिश, बीफ उलरतियातु की रेसिपी।”

इस ट्वीट को लेकर कर्नाटक बीजेपी की महासचिव शोभा करांडलजे ने केरल सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि राज्‍य की वामपंथी सरकार ने हिंदुओं के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया है। केरल टूरिजम को टैग करते हुए शोभा ने लिखा, ‘केरल की वामपंथी सरकार ने राज्‍य के हिंदुओं के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया है। मकर संक्रांति के दिन बीफ को महिमामंडित करके केरल सरकार हिंदुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। केरल के वामपंथियों की घटिया सोच उजागर हो गई है।’

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