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जम्मू के कठुआ जिले के रासना गाँव में 8 साल की बच्ची के साथ मंदिर में सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में मंगलवार को चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में आरोपित नाबालिग की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. जिसे अदालत ने खारिज कर दिया.

सीजेएम अमरजीत सिंह लंगेह की अदालत में नाबालिग की जमानत के लिए 15 दिन पहले अर्जी दी गई थी, जिसे खारिज कर दिया गया. बाल गृह आरएसपुरा (जम्मू) में रखे गए नाबालिग को अब 25 अप्रैल को जिला प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में पेश किया जाएगा.

बता दें कि को बच्ची को 10 जनवरी को उसके गांव के पास से अगवा किया गया था. उसे नशे के हाई डोज में रखा गया, और कई दिन तक उसके साथ कई लोगों ने मन्दिर में गैंगरेप किया. जिनमे एक रिटायर्ड सेल्स ऑफिसर, एक पुलिस वाला और 15 साल का एक युवक शामिल है.

7 दिनों तक मंदिर में रेप करने के बाद बच्ची की पत्थरों से कुचल कर हत्या कर दी गई. जिसके बाद बच्ची का शव 17 जनवरी को क्षत-विक्षत मिला. आरोपियों ने मुस्लिम समुदाय से नफरत और डराने के उद्देश्य से इस वारदात को अंजाम दिया था.

इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अब तक दो विशेष पुलिस अधिकारियों और एक हेड कांस्टेबल सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. हेड कांस्टेबल पर सबूत नष्ट करने के आरोप हैं.


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