राजस्थान मे साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने है। ऐसे में राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होने कहा कि चुनाव के दौरान आरएसएस की विचारधारा से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को चुनावी प्रक्रिया से नहीं हटाया जाएगा।

ये बयान कॉंग्रेस की चुनाव आयोग से उस मांग के बाद सामने आया है जिसमे कॉंग्रेस ने नई दिल्ली में आयोजित चुनाव आयोग की बैठक में चार राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान प्रक्रिया से आरएसएस की विचारधारा से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को दूर रखने की मांग की थी।

कटारिया ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से आरएसएस को बदनाम करने में लगी हुई है। नेहरू के जमाने से ही यह सिलसिला जारी है। संघ पूरी ईमानदारी और निष्ठा से अपना काम करता आ रहा है। कांग्रेस को आरएसएस के नाम से ही बुखार आ जाता है। कटारिया ने कहा कि चुनाव में अपनी संभावित हार को देखकर ही कांग्रेस इस तरह की मांग कर रही है। राजस्थान में भाजपा एक बार फिर अपनी सरकार बनाएगी।

राज्य में बढ़ते अपराध के सबंध में कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को लेकर उन्होने कहा कि कांग्रेस के 2008 से 2013 के राज में 45 हजार 107 अपराध बढ़े। अपराधों में तीस प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। हमारे राज में आने के बाद पहले साल तो करीब सात प्रतिशत अपराध बढ़े, लेकिन इसके बाद लगातार तीन वर्षों में क्रमश 5.86, 8.93 और 5.79 प्रतिशत अपराध कम हुए। इस साल भी जून तक अपराधों में सवा तीन प्रतिशत की कमी आई है।

केस वापस लेने के मामलों को लेकर कटारिया ने कहा कि कांग्रेस की तरह 376 के मुकदमे वापस नहीं लिए हैं। रास्ता रोकने और अन्य छोटे-मोटे मुकदमे वापस लिए हैं और यह हर सरकार करती है। मैं संघ के नजरिये की हैसियत से नहीं। गृहमंत्री की हैसियत से काम कर रहा हूं। मुसलमानों के भी मुकदमे वापस लिए हैं।