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लखनऊ: पश्चिमी यूपी के कासगंज में 26 जनवरी को तिरंगा यात्रा के नाम पर मचे बवाल के बाद फैली सांप्रदायिक हिंसा को लेकर सूबे के राज्यपाल राम नाईक ने इस पुरे मामले को प्रदेश के कलंक करार दिया.

उन्होंने कहा, कासगंज हिंसा प्रदेश के लिए कलंक साबित हुई है. जांच के बाद ही घटना की सच्चाई का पता चल सकेगा. उन्होने आगे कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाए उसके खिलाफ सरकार को ऐसा कदम उठाना चाहिए जिससे की दोबारा ऐसी घटना न हो सकें.

उन्होंने कहा, “कासगंज में जो हुआ वो किसी के लिए शोभा दायक नहीं है. किसने प्रारंभ किया. किसने जवाब दिया. ये बात जांच के बाद बाहर आएगी, लेकिन निश्चित तौर पर ये घटना उत्तर प्रदेश पर कलंक है.” उन्होंने आगे कहा कि सरकार इस घटना की जांच कर रही है जो लोग शांति के साथ संघर्ष करते हैं. शांति को भंग करने की कोशिश करते हैं उनकी जितनी भी निंदा की जाए कम है.

राज्यपाल ने इससे पहले 26 जनवरी की शाम को राजभवन पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी कासगंज मामले की पूरी जानकारी ली थी और उन्हें प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया था. हालाँकि इतनी बड़ी हिंसा के बाद भी सीएम योगी आदित्यनाथ अब तक खामोश हैं. इलाहाबाद में एक कार्यक्रम में पहुंचे योगी ने हिंसा पर कुछ भी बोलने से खुद को दूर रखा.

ध्यान रहे पश्चिमी यूपी के कासगंज में 26 जनवरी को विश्व हिन्दू परिषद और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के लोगों ने तिरंगा यात्रा निकाली और जबरन एक समुदाय विशेष के मोहल्ले में हंगामा किया जिसके बाद लोगों ने बाइक पर निकली तिरंगा यात्रा पर पथराव किया जिसके बाद हिंसा भड़क गई. हिंसा में चंदन नाम के युवक की मौत हो गई, जबकि अकरम की आंख चली गई.

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