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कर्नाटक के उडुपी जिले में पशु व्यापारी हुसैनअब्बा की मौत के मामले मे बड़ा खुलासा हुआ है। उसकी ह्त्या पुलिस की मौजूदगी मे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने की थी। जिसे बाद मे हार्ट अटैक का नाम दे दिया गया।

इस मामले मे अब हिरिअदका थाने के तीन पुलिसकर्मियों सहित बजरंग दल के स्थानीय कार्यकर्ताओं के खिलाफ अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों मे सब इंस्पेक्टर डीएन कुमार, हेड कांस्टेबल मोहन कोतवाल और पुलिस जीप का ड्राइवर गोपाल शामिल है।

इसके अलावा बजरंग दल के कार्यकर्ता सुरेश मेंडन, रतन, चेतन आचार्य, प्रसाद कोंडाडी, उमेश शेट्टी, शैलेष शेट्टी और गणेश को भी गिरफ्तार किया गया है। साथ ही पुलिस ने जया (37) को भी इस केस से ताल्लुक होने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इन सभी 11 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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एक आरोपी के अनुसार, हिरिअदका पुलिस ने देर रात करीब एक बजे एक पिकअप ट्रक मवेशियों को लेकर जा रहा था। ये ट्रक जैसे ही थाने के कानूनी सीमाओं से गुजरने लगा सुबह चार बजे पुलिस अधिकारियों के साथ बजरंग दल कार्यकर्ता सुरेश मेंडन, उमेश शेट्टी और रतन ने इस पिकअप गाड़ी को पेरदूर के पास पकड़ लिया।

इसके बाद आरोपियों ने हुसैनअब्बा पर हमला बोल दिया। उन्होंने गाड़ी तोड़ दी और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अधिकारी हुसैनअब्बा को हिरासत में लेकर थाने लाए, लेकिन थाने आने से पहले ही उसने गाड़ी की पिछली सीट पर दम तोड़ दिया।

आरोपियों के साथ पुलिसवाले उसके शरीर को एक किलोमीटर दूर लेकर आए और बाद में दिन में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज करवा दिया। पुलिसकर्मियों का दावा था कि हुसैनअब्बा की मौत हार्ट अटैक से हुई है। हालांकि गिरफ्तार लोगों का आमना—सामना करवाने पर सारी हकीकत सामने आ गई। आरोपी पुलिसकर्मियों ने साफ किया कि वह आरोपियों के साथ थे।

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