एक तरफ गौरक्षा के नाम पर मुसलमानों की जान ली जा रही हैं. वहीँ दूसरी तरफ वहीँ गायें भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं. भारत के सबसे बड़े और धनी गोशालाओं में से एक कानपुर स्थित भौंती स्थित गोशाला में पिछले पांच महीनों में एक चौथाई गायें मर चुकी हैं, जबकि आधी गायें बीमार हैं.

220 करोड़ की संपत्ति वाली इस गौशाला में भूख के कारण अब तक 540 गायों में से 152 गायें मर चुकी हैं. गायों का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि इनकी मौत चारे और पानी के अभाव में हुई है. ऐसे में सवाल उठ रहे कि करोड़ों के अनुदान मिलने के बाद भी आखिर भूख से गायों की मौत कैसे हो सकती हैं.

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक गायों का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने कहा, ‘पोस्टमार्टम में जो बातें हमें पता चली वो तभी पैदा होती है जब गायों को लंबे समय तक के लिए चारा नहीं मिलता है, ये गायें खून की कमी से पीड़ित थीं और इन्हें बहुत दिनों से पोषणयुक्त चारा नहीं मिला था.’

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एनीमल वेलफेयर बोर्ड के सदस्य नन्द किशोर उर्फ लालू मिश्रा ने इस बारे में कहा कि आप लोग सब जानते हो कि गौमाता किन कारणों से मर रही हैं. भूमाफिया भ्रष्टाचार के लिए गौशाला सोसायटी पर कब्जा किये हुए हैं और गौमाता की सेवा करना तो दूर उन्हें पेट भर भोजन नहीं दिया जा रहा है. जबकि सोसायटी में गौमाताओं के लिए शहर व दूर दराज के गौ प्रेमी खूब दान देते हैं. इसके अलावा सोसायटी में भी इतनी आमदनी है कि गौमाताओं को भूखा रहने की जरूरत नहीं है

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