पटना में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने बिहार सरकार के शराबबंदी कानून पर सवाल उठाते हुवे कहा कि बिहार में शराबबंदी करने से पहले सरकार को इसका व्यापक रूप से मूल्यांकन कर लेना चाहिए था. उन्होंने ने कहा कि शराब बंदी ठीक तो है, लेकिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का भी ख्याल रखा जाना चाहिए.

कन्हैया ने कहा कि हमारी लड़ाई विचारधारा की लड़ाई है जिसमें निजी स्वार्थ से ज्यादा देशहित की अहमियत है. उन्होने कहा कि भारत में लोकतंत्र है और लोकतंत्र में कोई किसी पर अपनी विचारधारा नहीं थोप सकता है. उन्होने कहा कि आज भारत में भारतमाता के हाथों से तिरंगा झंडा हटाकर भगवा झंडा थमाने की कोशिश की जा रही है.

न्हैया ने कहा कि अब देश में विकल्प की राजनीति शुरू हो चुकी है ऐसे में तमाम दलों को एकजुट हो कर इस विचारधारा की लड़ाई में एक दूसरे का साथ देना चाहिए.

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