Wednesday, May 18, 2022

कलयुगी बेटे ने बीमार माँ को छत पर से फेंका, फिर दिया आत्महत्या का रूप

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गुजरात के राजकोट में मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है. एक बेटे ने अपनी बीमार माँ को छत पर से धक्का दे दिया. साथ ही माँ की मौत को उसने आत्महत्या का रूप देने की भरसक कोशिश की. लेकिन कामयाब नहीं हो सका.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना तीन महीने पहले की है. राजकोट के 150 फीट रोड नानावटी चौके के पास स्थित रामेश्वर अपार्टमेंट में जयश्रीबेन (64) अपने बेटे संदीप नाथवाणी (35) और बहू के साथ रहती थीं. जयश्री बेन सेवानिवृत शिक्षक थीं, जबकि बेटा संदीप राजकोट के बीके मेडकिल गवर्नमेंट कॉलेज में असिसटेंट प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत है.

ब्रेन हैमरेज की शिकार होंने के कारण संदीप अपनी माँ का इलाज कराकर थक गया था. 29 सितंबर को वह अपनी मां को उठा कर छत पर ले गया और वहां से फेंक दिया. हालांकि उस समय पुलिस ने आत्महत्या का मामला दर्ज कर जांच की थी और बाद में फाइल को बंद कर दिया था.

राजकोट डीसीपी करण सिंह वाघेला ने बताया कि घटना के तीन महीने बाद एक जागरूक नागरिक ने पुलिस कंट्रोल रूम को पत्र लिखकर बताया कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है. इसके आधार पर पुलिस ने अपार्टमेंट में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की, तो पता चला कि जयश्रीबेन तबीयत खराब होने से चल भी नहीं पा रही थीं. लेकिन संदीप उन्हें उठाकर इमारत की चौथी मंजिल पर ले गया. वहां से उसने अपनी मां को नीचे धक्का दे दिया और इसके बाद वह अपनी मां की चप्पल पहनकर लिफ्ट से नीचे उतरा व अपने कमरे में आ गया.

पुलिस ने नथवानी के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या के लिए सजा) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक, उन्होंने संदीप पर दबाव डाला तो उसने अपनी मां को छत से फेंकने का जुर्म कबूल कर लिया.

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