राजस्थान के अलवर में कथित गोरक्षकों द्वारा मुस्लिम युवक पहलू खान की हत्या करने और अन्य लोगों को बुरी तरस से पीट कर घायल करने के मामलें में वसुंधरा सरकार का शर्मनाक चेहरा सामने आया हैं.

राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया पहले ही इस मामलें में कथित गौरक्षकों का पक्ष लेकर पीड़ितो को गुनाहगार ठहरा चुके हैं. रही कसर अब राजस्थान पुलिस ने पूरी कर दी. राजस्थान पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज करने के साथ ही 15 पीड़ितों के खिलाफ पशु तस्करी का भी केस दर्ज किया हैं.

जबकि उनके पास गाय खरीदने और उन्हें ले जाने के लिए जयपुर नगर निगम और पुलिस की और से मिली इजाजत थी. सबूत के तौर पर पीड़ितों का पास अब भी वैध पर्चियां पाई गई हैं. इन रसीदों में इन लोगों द्वारा जयपुर नगर निगम और दूसरे विभागों को चुकाए गए पैसों की रसीद है, जिसके तहत वे कानूनी रूप से गायों को ले जाने का हक रखते हैं.

ऐसे में सवाल उठता हैं कि गृहमंत्री कटारिया का ये बयान जिसमे गायों की तस्करी पर प्रतिबंध की बात कहते हुए कथित गोरक्षकों के इस भगवा आंतक को ‘सही’ ठहराना कहाँ तक सही हैं?

कटारिया का बयान:

राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि जब वे जानते थे कि राजस्थान में गायों की तस्करी पर प्रतिबंध है तो आखिर वे ऐसा क्यों कर रहे थे?

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