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झारखंड के सिंहभूमि के जैतगढ़ में सात साल पहले के झूठे मामले के जरिए दक्षिणपंथी संगठनो ने जैतगढ़ बस्ती मस्जिद की जमीन हड़पने की कोशिश की थी। इसके लिए मस्जिद की जमीन और निर्माण को कानूनी दांव-पेंच में उलझा दिया। लेकिन आखिर में कोर्ट ने मुस्लिमों के पक्ष में ही फैसला दिया।

जानकारी के अनुसार, जमीन के मालिक मोहम्मद अहसन और मोहमद मुस्लिम की जमीन का है। दोनो ने अपने पिता के नाम से रजिस्टर्ड जमीन को साल 2011 में बेची थी। जैतगढ़ के कुछ लोगो ने इसे धार्मिक मामला बनाते हुए जमीन पर कब्ज़ा जमाने के उद्देश्य से कोर्ट मे झूठा मुकदमा प्रस्तुत किया।

एसडीजेएम कोर्ट में साल 2012 को दायर इस मुकदमे में सात साल बाद एसडीजेएम कुमारी जीव ने सोमवार को अपना फैसला सुनाया जिसमे उन्होंने इस जमीन को दोनो भाई मोहम्मद अहसन और मोहम्मद मुस्लिम का बताया।

दोनो भाइयो ने यह भी कहा कि इसमें सिर्फ जमीन को हड़पने की साजिश की गई थी मस्जिद को बनाने की विपक्षियों की कोई रणनीति नही थी मस्जिद हमेशा ऐसी जगह बनती है। जहाँ पर कोई विवादित मामला न हो और जिस जमीन पर मस्जिद बनाई जाती है वो पूर्ण रूप से वैध होनी चाहिये।

उन्होने कहा, जिस जगह अवैध मस्जिद का निर्माण किया जाता है वहाँ पर किसी भी प्रकार की इबादत कुबूल नही होती और ऐसे लोगो से खुदा भी नाराज होता है।

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