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सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के छात्र संघ पोपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को एक बार फिर से झारखंड में बैन करने की तैयारी हो रही है। दरअसल, झारखंड पुलिस मुख्यालय ने भारत में प्रतिबंधित जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) से  पीएफआई के संबंधों सबूत मिलने का दावा कर पीएफआई को एक बार फिर से प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव भेजा है।

गृह विभाग को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि पीएफआई पर पहली बार प्रतिबंध लगाए जाने के बाद जामताड़ा के नारायणपुर, साहिबगंज के रांगा और पाकुड़ के मुफ्फसिल थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। इन एफआईआर में पीएफआई के प्रतिबंधित संगठन से रिश्ते की बात सामने आयी है।

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इसके अलावा झारखंड सरकार के गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने पीएफआई को प्रतिबंध मुक्त करने संबंधी हाई कोर्ट के फैसले पर संबंधित विभागों से मंतव्य मांगा था।  पुलिस मुख्यालय ने विचार के बाद तीन बिंदुओं पर अपना मंतव्य दिया है। अब सरकार शीघ्र ही इस मामले में निर्णय लेगी।

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क्या हैं पुलिस मुख्यालय के तीन सुझाव : 

  • पोपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया को फिर से बैन किया जाए।
  • हाई कोर्ट ने जिस तर्क के साथ पीएफआइ को प्रतिबंध मुक्त किया है, उसपर हाई कोर्ट से एक बार फिर समीक्षा करने के लिए आग्रह किया जाए।
  • हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाए।

20 मार्च को पहली बार किया गया था प्रतिबंधित

झारखंड सरकार ने विवादित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआइ) को 20 मार्च को प्रतिबंधित कर दिया था।  संगठन को सीएलए एक्ट 1908 की धारा 16 के तहत प्रतिबंधित किया गया था। हालांकि झारखंड हाईकोर्ट ने 27 अगस्त को पीएफआई पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया था।

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