आधार पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ जाकर झारखंड की बीजेपी सरकार ने गरीबों के मुंह से निवाला छिनना शुरू कर दिया है. जिसका नतीजा ये हुआ हाल ही में एक बच्ची की भूख से मौत हो गई.

दरअसल, झारखंड सरकार ने जिसका आधार कार्ड राशन कार्ड से लिंक नहीं है. उन्हें रद्द करने का आदेश दिया है. 22 मई 2017 को झारखंड की मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने एक वीडियो कांफ्रेंसिंग कर सभी जिलों के आपूर्ति पदाधिकारियों को आदेश दिया कि जिनके राशन कार्ड आधार से लिंक नहीं  हैं उनके नाम राशन कार्ड की सूची से हटा दिए जाएं.

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इसके अलावा 2 मई 2017 को  झारखण्ड के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने लिखित आदेश दिया दिया था कि आधार नहीं होने की वजह से राशन कार्ड रद्द नहीं होगा. इन आदेश के बाद झारखंड सरकार ने 11.64 लाख राशन कार्ड को फर्जी करार देते हुए रद्द कर दिया. साथ ही इस को बीजेपी ने अपनी सरकार की 1000 दिन की बड़ी उपलब्धि करार दिया.

ध्यान रहे इस राशन कार्ड और आधार के इस झमेले में बीते 6 महीनों से एक आदिवासी परिवार को राशन देना बंद कर दिया गया था. जिसके चलते 4-5 दिनों से भूखी बच्ची की मौत हो गई. घटना की स्वतंत्र जांच करने वाली फैक्ट-फाइंडिंग टीम ने भी माना कि बच्ची की मौत भूख से ही हुई.

हालांकि झारखंड सरकार का ये फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश की खुली अवमानना है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार आधार कार्ड नहीं होने से सरकार किसी को राशन के लाभ से वंचित नहीं कर सकती.

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