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झारखंड की राजधानी रांची से दो सौ किलोमीटर दूर धनबाद की 9 महिलाओं ने दामोदर घाटी निगम द्वारा विश्थापन की शर्तों को पूरा नहीं करने के विरोध में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और प्रदर्शन की तस्वीरें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भेजी.

प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि विस्थापन के एवज में लगभग सत्तर साल बाद भी अपने परिवार के किसी व्यक्ति को नौकरी नहीं दी गई. महिलाओं ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से इच्छा मृत्यु की अनुमति भी मांगी है.

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मामले की जानकारी देते हुए घटवार आदिवासी महासभा के सलाहकार रामाश्रय प्रसाद सिंह ने बताया कि विरोध प्रदर्शन करने वाली ये नौ महिलाएं बहुत समय से न्याय पाने के लिए दर दर भटक रही हैं.

उन्होंने बताया, वो न्याय ना मिल पाने से इतना परेशान थीं कि उन्होंने अर्द्धनग्न होकर अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को अपनी मांगों के पोस्टरों से ढक लिया और प्रदर्शन करने लगीं. सिर्फ इतना ही नहीं, उन्होंने इस प्रदर्शन की तस्वीरें देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भी भेजा और उनसे इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी.

ध्यान रहे साल 1953 से 1956 के बीच 240 गावों के बारह हजार परिवारों से दामोदर घाटी परियोजना के अंतर्गत 38 हजार एकड़ भूमि अधिग्रहित की गयी थी.

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