कांग्रेस के चाणक्य अहमद पटेल को हराने के लिए बीजेपी ने अपनी पूरी एड़ी का जोर लगा दिया लेकिन वह उन्हें रोकने में नाकमयाब रही. हालांकि इस जीत में बीजेपी की नई सहयोगी जेडीयु कांग्रेस की मददगार बनी है.

गुजरात राज्यसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के एक मात्र विधायक छोटूभाई वसावा ने पार्टी लाइन से हटकर अहमद पटेल को वोट दिया. हालांकि इस फैसले से नीतीश कुमार भड़क उठे है. उन्होंने विधायक के खिलाफ तो कार्रवाई नहीं की लेकिन पार्टी महासचिव अरुण कुमार को पद से हटा दिया. अरुण कुमार शरद यादव के करीबी हैं.

अरुण कुमार को बिना पार्टी अध्यक्ष की अनुमति के पोलिंग एजेंट बनाने का आरोप में हटाया गया है. जेडीयू महासचिव केसी त्यागी ने कहा, ‘आपको (अरुण कुमार) पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ऐसे किसी निर्देश जारी करने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है. इस स्थिति में आपका यह कृत्य पार्टी विरोधी और धोखाधड़ी करने वाला है. आपको पार्टी के महासचिव पद से हटा दिया गया है.

गौरतलब रहें कि कांग्रेस के दो विधायक राघवजी पटेल और भोला पटेल के वोट रद्द होने के बाद जेडीयू विधायक छोटू वसावा की वजह से अहमद पटेल को जीत मिली है. अहमद पटेल को 44 वोट मिले.

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