भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में आने के बाद से जनता दल (यूनाइटेड) से मुस्लिम समुदाय को मोह भंग होता नजर आ रहा है। ऐसे में पार्टी ने मुस्लिमों को फिर से अपने पाले में लाने के लिए बिरयानी पॉलिटिक्स का सहारा लिया है।लेकिन पार्टी को मुस्लिमों की और से निराशा ही मिली।

दरअसल, राजधानी पटना में गुरुवार को एसकेएमसीएच में आयोजित जेडीयू के अल्पसंख्यक कार्यकर्ता सम्मेलन में 1500 मुस्लिमों को शामिल होना था। जिनके लिए 600 किलो बिरयानी भी बनवाई गई। मटन बिरयानी मेन्यू में शामिल करने का उद्देश्य था मुस्लिम मतदाताओं को रिझाना था। लेकिन सम्मेलन में कुर्सियां खाली दिखाई दीं। इतना ही नहीं मुस्लिम कार्यकर्ता भी नहीं पहुंचे।

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इस सम्मेलन में जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह और आरसीपी सिंह भी मौजूद थे। खानसामों के मुताबिक कार्यकर्ताओं की भूख मिटाने के लिए 6 क्विंटल मटन की व्यवस्था की गई थी और 4000 लोगों के खाने की व्यवस्था की गई थी। जानकारी के मुताबिक ये व्यवस्था अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खुर्शीद फिरोज अहमद की तरफ से की गई थी।

जेडीयू के महासचिव आरसीपी सिंह गुस्से में वहां से चले गए, जब वहां मौजूद लोगों में से किसी ने उन्हें कहा कि वह अपना भाषण बंद करें। उन्हें कहा गया, “बस हो गया अब।” इसके बाद कई लोग वहां से जाने के लिए अपनी कुर्सियों से उठ गए। हालांकि इसके बाद भी सिंह थोड़ी देर तक बोलते रहे। जिसके बाद खाना शुरू किया गया।

अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खुर्शीद ने कहा कि ये बेहद शर्म की बात है कि इतने बड़े कार्यक्रम में हॉल तक नहीं भर पाया।मंत्री ने कहा कि मंच पर बैठे लोग बड़ी-बड़ी बातें करते हैं लेकिन इससे ज्यादा जरूरी था इस सम्मेलन तक लोगों को लाना।

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