नयी दिल्ली – राष्ट्रिय हॉकी प्लेयर तथा जामिया मिलिया इस्लामिया से बचेलोर्स ऑफ आर्ट्स की पढाई करने वाले रिज़वान की मौत हो गयी है, जिनकी उम्र महज़ 22 साल थी. दक्षिण दिल्ली के रहने वाले रिजवान नेशनल लेवल पर हॉकी खिलाडी के रूप में कई बार जामिया का प्रतिनिधित्व कर चुके है. उनकी लाश सरोजिनी नगर में खड़ी एक गाडी में मिली.

वहीँ पुलिस अभी इस कश्मकश में और पता लगाने में जुटी है कि आखिर उनकी मौत एक क़त्ल है या खुदखुशी. वहीँ रिज़वान के साथ पढ़ रहे छात्रों का कहना है कि रिज़वान ख़ुदकुशी जैसा कदम कभी नहीं उठा सकते है, उनके खिलाफ किसी ने साजिश करके उनके कत्ल की वारदात को अंजाम दिया गया है.

वहीँ रिजवान के पिता का कहना है कि उनका बेटा किसी भी हालत में ख़ुदकुशी नहीं कर सकता, ना ही उसके हालात ऐसे थे जिसके चलते वह इस तरह का कदम उठाता, उससे हर तरह से परिवार वालों का साथ मिला है और ना भी उनके साथ कोई पैसों से जुड़ी परेशानी थी, फिर रिज़वान इस तरह का कदम क्यों उठता.?

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रिज़वान का परिवार, उनके साथी और रिश्तेदार उनकी अचानक हुए मौत को अभी तक स्वीकार नहीं कर पा रहे है. वहीँ उनके दोस्तों और परिवार वालो का दिल्ली सरकार से आग्रह है कि उनकी मौत की गुत्थी को जल्द से जल्द सुझाया जाए.

वहीँ रिज़वान के दोस्तों का कहना है कि इस मामले को सीबीई में ले जाना चाहए और मामले की सही तरीके से जांच-पड़ताल की जानी चाहए. उनके दोस्तों का यह भी कहना है रिज़वान बहुत खुश मिजाज़ लड़का था हर किसी के साथ अच्छे से पेश आता था और उनकी कभी किसी से लड़ाई भी नहीं हुई थी. अपनी पढाई से ज्यादा ध्यान उनका हॉकी पर था, कई पर जामिया मिलिया की तरफ से उन्होंने मैडल भी हासिल किये है.

जामिया मिलिया के सभी छात्रों का कहना है कि उन्होंने अपने बेहद्द अच्छे साथी और हॉकी खिलाड़ी को खो दिया है जिसका अफ़सोस उन्हें ताउम्र रहेगा. वहीँ जामिया के छात्रों का कहना है कि रिज़वान को इंसाफ दिलाने के लिए अब हम पूरे दिल्ली में कैंडल मार्च निकालने और रिज़वान को इंसाफ दिलाकर ही रहेंगे.