manu highcourt

जयपुर. राजधानी स्थित हाईकोर्ट परिसर में लगी मनु की प्रतिमा पर सोमवार को दो महिलाओं ने कालिख पोत दी। मामले का पता चलते ही हंगामा बरपा हो गया। इस सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने दोनों महिलाओं को पकड़ भी लिया। दोनों महिलाओं की पहचान बिहार के ओरंगाबाद निवासी के रूप में हुई है।

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि दोनों महिलाएं औरंगाबाद की रहने वाली है। वे ट्रेन से यहां पहुंची थी। वे खुद को किसी पार्टी से जुड़ी होना बता रही है। लेकिन यह साफ नहीं हो पाया है कि मनु प्रतिमा पर उन्होंने काली रंग क्यों फेंका और वे जयपुर क्यों आई है।

पुलिस इस संबंध में गहनता से पूछताछ कर रही है। वहीं घटना के बाद वकील भी अशोक नगर थाने पहुंच गए। जिन्होंने दोनों महिलाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

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इस घटनाक्रम के बाद एक बार फिर हाईकोर्ट परिसर में मनु स्मृति और मनु मूर्ति को हटाने का मुद्दा एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। पिछले साल एक संगठन के कार्यकर्ताओं ने यहां से मनु स्मृति और मनु मूर्ति हटाने के लिए जन आन्दोलन की घोषणा की थी।

जनवरी 2017 में आयोजित मनुवाद विरोधी सम्मेलन में इसकी घोषणा की गई थी। जिसमें यह भी तय हुआ था कि मनुवाद विरोधी अभियान चलाने वाला एक प्रतिनिधि मंडल हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से मुलाकात कर कोर्ट परिसर में लगी मनु की मूर्ति को हटाने के लिये शीघ्र सुनवाई करने की मांग करेगा।

अधिवक्ता प्रेमकृष्ण ने मनुस्मृति को शूद्र एवं महिला विरोधी बताते हुए कहा गया कि ऐसे ग्रंथों के होते हुए समाज से गैर बराबरी की मानसिकता खत्म नहीं हो सकती। इसके लिए एक जन आन्दोलन चलाए जाने की आवश्यकता है और इसलिए जन आंदोलन का निर्णय लिया गया था।

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