Sunday, August 1, 2021

 

 

 

अभिभाषण में बोले बंगाल के गवर्नर – देश में असहिष्णुता, नफरत और कट्टरता

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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को विधानसभा में बजट सत्र की शुरुआत के दौरान अपने अभिभाषण में कहा कि असहिष्णुता, धर्मांधता और नफरत ‘‘देश में नये मानक हैं।’

अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि असंतोष के सभी तरीकों को अस्वीकार करना देशभक्ति के नाम पर एक नया फैशन बन गया है। लिखित भाषण पर उन्होने राज्य सरकार के साथ किसी भी तरह टकराव को टाल दिया। हालांकि 24 घंटे पहले उन्होंने बजट भाषण में लिखी बातों पर आपत्ति जताते हुए इसमें बदलाव का आग्रह किया था।

राज्यपाल ने बुधवार को कहा था कि वह भाषण में बदलाव कर सकते हैं जिसपर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी और कहा था कि ‘‘वह जानबूझ कर समस्या उत्पन्न करने की कोशिश कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा था, ‘‘मैं संविधान के अनुकूल काम करूंगा।’’ साथ ही कहा था कि वह कभी ‘‘लक्ष्मण रेखा’’ पार नहीं करेंगे।

धनखड़ ने भाषण पढ़ते हुए कहा, ‘‘वर्तमान में हमारा देश अहम मोड़ पर है। हमारे संविधान के मूल्य एवं मूलभूत सिद्धांतों को चुनौती दी जा रही है…गलत सूचनाओं का प्रसार सामान्य बात हो गई है और सभी प्रकार की अहसमतियों को खारिज करना राष्ट्रवाद के नाम पर नया फैशन हो गया है।’’

धनखड़ ने देशभर में प्रस्तावित एनआरसी की वजह से ‘‘दहशत के कारण राज्य में हु­ई लोगों की मौत’’ पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘‘असहिष्णुता, कट्टरता और नफरत का माहौल है जो देश में सभी भाषाई, धार्मिक एवं नस्ली विविधताओं को बांधे रखने वाले बहुरंगी धागे को कमजोर कर रहा है।’’

राज्यपाल ने कहा कि कोई बड़ा कदम उठाने से पहले सभी वर्ग के लोगों को भरोसे में लिया जाना चाहिए।उन्होंने कहा, ‘‘राज्य सरकार राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर), एनआरसी या सीएए जैसे कदमों के नाम पर लोगों के बंटवारे के खिलाफ है।’’

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