देश में हालात पहले से ही तनावपूर्ण चल रहे है. ऐसे में डिजिटल मीडिया की गैरजिम्मेदाराना पत्रकारिता इस तनाव को और बढ़ाने का ही काम कर रही है.

एक प्रतिष्ठित न्यूज़ चैनल की गैरजिम्मेदाराना पत्रकारिता की वजह से एक बार फिर से उत्तरप्रदेश दंगों की आग में झुलसने से बच गया. दरअसल न्यूज़ चैनल ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अप्संख्यक समुदाय के एक घर पर लगे इस्लामिक झंडे को पाकिस्तानी झंडा बताकर उस घर के मालिक और उस समुदाय के लोगों को देशद्रोही साबित करने और अल्प्संखयक समुदाय के खिलाफ बहुसंख्यक समुदाय को भडकाने की कोशिश की.

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हालांकि इस मामले में यूपी पुलिस की कार्रवाई सराहनीय रही. जिसने समय पर ही इस कोरी अफवाह को ख़ारिज किया. जिसके चलते न्यूज़ चैनल को अपनी खबर पोर्टल से हटानी पड़ी. हालांकि पहली बार ऐसा मामला सामने नहीं आया है.

इससे पहले राजस्थान में और कश्मीर में भी प्रतिष्ठित समाचार पत्र इस तरह की खबरे अपने अखबारों में छाप चुके है. जिसके चलते राजस्थान वाले मामले में अखबार के संपादक और पत्रकार को जेल की हवा भी खानी पड़ी थी.

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