भोपाल: देश के साथ गद्दारी कर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद करने के आरोपी बलराम सिंह के सहयोगी राजीव तिवारी को जिला अदालत ने 21 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया हैं.  इसके अलावा ध्रुव सक्सेना, मोहित अग्रवाल और मनीष गांधी 27 फरवरी तक जेल में रहेंगे.

कोर्ट में एसटीएस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बलराम ने पूछताछ में बताया है कि उसे राजीव ने आईएसआई नेटवर्क से जोड़ा. राजीव के कहने पर ही वो आईएसआई एजेंट व हैंडलर्स के संपर्क में आया. बलराम के अनुसार राजीव ने ही उसे एक फोन दिया था, जिसमें सिर्फ इनकमिंग कॉल एक्टिव थी, यानी इस फोन से कॉल नहीं किया जा सकता था.

आईएसआई एजेंट से बात पहले राजीव करता था और मुझे दिए गए फोन को वो कॉन्फ्रेंस में लेता था, राजीव उनके सामने ही मुझे बताता था कि मुझे क्या करना है. बैंक के फर्जी खाते और एटीएम भी राजीव ने ही मुझे दिए थे. राजीव ही उसे बताता था कि किसके खाते में कब और कितना पैसा डालना है. गौरतलब है कि सतना निवासी राजीव का नाम पूछताछ के दौरान बलराम ने ही उजागर किया था. एनडीपीएस के एक मामले में सतना पुलिस ने गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया था.

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एटीएस के मुताबिक बलराम पांच फीसदी का लालच देकर लोगों से बैंक खाते खुलवाता था. यानी बैंक खाते में जितनी रकम आएगी, उसका पांच फीसदी हिस्सा उस व्यक्ति को दिया जाएगा, जिसके नाम के दस्तावेज खाता खुलवाने के दौरान लगाए गए थे. एटीएस को अब तक बलराम के कब्जे से 110 एटीएम कार्ड हासिल हो चुके हैं. ये सभी वे खाते हैं, जिनका इस्तेमाल बलराम ही करता था.

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