भोपाल: देश के साथ गद्दारी करते हुए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने वाले बीजेपी नेता और बजरंग दल कार्यकर्त्ता सहित 11 लोगों को पुलिस रिमांड में भेजा गया हैं. बलराम, मनीष, मोहित और ध्रुव को 18 फरवरी तक के लिए रिमांड पर भेज दिया गया है जबकी मनोज और संदीप को जेल भेज दिया गया है.

याद रहें कि ध्रुव सक्सेना गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भोपाल का रहने वाला ध्रुव सक्सेना भी है. जो भोपाल जिले की भारतीय जनता युवा मौर्चा की आईटी सेल का संयोजक है. भारतीय जनता युवा मौर्चा बीजेपी का सहयोगी संगठन हैं. ध्रुव सक्सेना बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का सबसे करीबी सहयोगी बताया जा रहा हैं.

इसके अलावा उसके राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भोपाल महापौर आलोक शर्मा, भोपाल सांसद आलोक संजर के साथ भी करीबी रिश्तें हैं.  वह कई बार इनके साथ मंच साझा कर चुका है. ध्रुव के घर पर जब एटीएस की टीम पहुंची तो वहां ताला लगा हुआ था. पूरा परिवार घर छोड़कर भाग गया था. वहीँ दूसरा आरोपी जीतेन्द्र जो ग्वालियर के रहने वाला हैं. जितेन्द्र के भाई की पत्नी ग्वालियर में पार्षद है.

वहीँ सतना से एटीएस द्वारा गिरफ्तार किया गया बलराम बजरंग दल कार्यकर्त्ता हैं. उसने बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं के भी बैंक खातें खोल रखे थे. जिनमें पाकिस्तान की तरफ से आये पैसे जमा हुआ करते थे. बलराम के साथ करीब 46 लोग जुड़े हुए हैं. जो इसी पुरे नेटवर्क में शामिल थे.

बलराम ने इसी मामले में सतना के दो डॉक्टरों के शामिल होने की बात कबूली हैं. इनके बैंक खातों में आईएसआई की और से विदेशों से पैसा जमा हुआ हैं. इस मामले में बलराम के भाई विक्रम को भी हिरासत में लिया गया है और उससे  भी इंटेलीजेंस पूछताछ कर रही है. पुलिस को आशंका है कि विक्रम को बलराम के इन कारनामों की जानकारी होगी.

गुरुवार को प्रेस कांन्फ्रेंस में एटीएस चीफ संजीव शमी ने कहा कि ये लोग इंटरनेट कॉल को सेल्युलर कॉल में ट्रांसफर कर देते थे. इससे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स की आइडेंटिफिकेशन नहीं हो सकती थी. आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए टेलीफोन एक्सचेंज ग्वालियर, भोपाल और जबलपुर में मिले हैं. ये लोग पैरेलल टेलीफोन एक्सचेंज चलाते थे. सभी पर देशद्रोह और इंडियन टेलीग्राफ एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है.


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