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देश के अल्पसंख्यक समुदाय पर पुलिसिया जुल्म कोई नई बात नहीं है. कई मामले इन बातों का सबूत है जब पुलिस ने फर्जी मामलों में मुस्लिमों को फंसाया, प्रताड़ित किया और वे अदालतों से बाइज्जत बरी हुए है.

ऐसा ही एक मामला अब गुजरात के कच्छ की भुज डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के सामने आया. जिसमे अदालत ने बुधवार को आईपीएस अधिकारी मनोज निनामा को एक साल की सजा और दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है.

आईपीएस अधिकारी मनोज निनामा को 2001 के मामले में सजा सुनाई है. जिसमे उसने कच्छ में बतौर डिप्टी एसपी पोस्टिंग पर तैनाती के दौरान पैसे लेकर 19 अप्रैल 2001 को इस्माइल नामक शख्स की पिटाई की थी. दरअसल इस्माइल ने एक जमीन के मामले में अपना विरोध जताया था.

कोर्ट ने निनामा को आईपीसी की धारा 323 के तहत दोषी करार दिया है. निनामा फिलहाल अहमदाबाद में रेंज आईबी में बतौर एसएसपी तैनात है. कोर्ट के फैसले के दौरान आईपीएस अधिकारी मनोज निनामा भी वहीं पर मौजूद था. कोर्ट के इस फैसले के बाद पुरे पुलिस महकमे में हलचल मची हुई है.

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