माफिया से रिश्तों के आरोपों में IPS अजयपाल शर्मा की बढ़ सकती है मुसीबत

यूपी में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट मशहूर आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की जांच में दोषी पाया है। उन पर जेल में बंद कुख्यात अनिल भाटी से चैट करने और अपनी पोस्टिंग के लिए पैसों की लेनदेन का आऱोप है। इसके अलावा मेरठ और एक अन्य जिले में अपनी तैनाती करवाने के लिए कथित पत्रकार और उसके साथी से 80 लाख रुपये के लेन-देन की बात भी की।

विजिलेंस का दावा है कि आईपीएस अधिकारी के व्हाट्सऐप चैट और कॉलिंग डेटा की जांच में यह बातें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि एसआईटी और विजिलेंस ने अजय पाल शर्मा से जुड़ी 9 रिकॉर्डिंग्स की जांच की है। इसमें से 2 ऑडियो अजय पाल और कथित पत्रकार चंदन राय के बीच पोस्टिंग को लेकर हुई बातचीत से जुड़ी है जबकि तीसरी ऑडियो चंदन राय और स्वप्निल राय की तथा चौथी चंदन राय और अतुल शुक्ला के बीच की है।

कुछ अन्य कॉल डिटेल्स में एक महिला दीप्ति शर्मा के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराने संबंधी बातचीत भी है। शर्मा पर उनकी कथित पत्नी दीप्ति शर्मा ने उत्पीड़न व झूठे मुकदमों में फंसाने के गंभीर आरोप लगाए थे। मामले में डॉ. अजय पाल के अलावा कुछ अन्य पुलिसकर्मी भी आरोपों के घेरे में हैं।

दीप्ति शर्मा उस वक्त दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहीं थीं। उनका दावा था कि 2016 में अजय पाल शर्मा के साथ उनकी शादी गाजियाबाद में रजिस्टर्ड भी हुई थी। दीप्ति का कहना था कि डॉ. अजय पाल से उनके रिश्ते कुछ बातों को लेकर खराब हो गए थे। इस संबंध में उन्होंने महिला आयोग, पुलिस विभाग, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में शिकायत भी की थी। शिकायती पत्रों के साथ उन्होंने शादी के सबूत भी लगाए थे।

इन आरोपों पर सफाई देते हुए आईपीएस अजयपाल शर्मा ने कहा, ‘मुझ पर लगे सभी आरोप गलत हैं। मैंने एसएसपी नोएडा रहते हुए अनिल भाटी के खिलाफ एनएसए लगाया, संपत्तियां जब्त कीं। भाटी के परिवारने मेरे ऊपर घर तुड़वाने का आरोप लगाया था। मेरी जिस चैट का जिक्र हो रहा है, वह वर्ष 2018 की बताई जा रही है। जेल में रहते हुए किसी से बात हो नहीं सकती है।

उन्होने आगे कहा, महिला ने जो फर्जीवाड़े किए हैं, उसके चलते उन पर मुकदमे दर्ज हुए हैं। इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है। महिला ने मेरी पत्नी होने का जो दावा किया था वह भी सही नहीं पाया गया है। मैंने महिला के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया है। चंदन राय से हुई बातचीत गलत है। मेरी जितनी भी तैनातियां हुई हैं, वह मेरी मेरिट के आधार पर हुई हैं। जिन जिलों में पोस्टिंग की बात की है, वहां मैं तैनात ही नहीं रहा।’

विज्ञापन