उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और हरियाणा जैसे भाजपा शासित राज्यो में जहां एक तरफ लव जिहाद पर कानून लाने की तैयारी की जा रही है वहीं उत्तराखंड सरकार (Uttarakhand Government) अन्य धर्म और जाति में विवाह को प्रोत्साहित करने के लिए किसी अन्य जाति या धर्म के व्यक्ति से विवाह करने वालों को 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दे रही है।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि ये प्रोत्साहन राशि कानूनी रूप से पंजीकृत अंतरधार्मिक विवाह करने वाले सभी दंपत्तियों को दी जाती है। अंतरधार्मिक विवाह किसी मान्यता प्राप्त मंदिर, मस्जिद, गिरिजाघरों में संपन्न होना चाहिए।

अधिकारी ने बताया है कि अंतरजातीय विवाह करने पर प्रोत्साहन राशि पाने वले दंपत्ती में से पति या पत्नी, किसी एक का भारतीय संविधान के अनुच्छेद 341 के अनुसार अनुसूचित जाति का होना आवश्यक है।

टिहरी के जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि राष्ट्रीय एकता की भावना को जागृत रखने और समाज में एकता बनाए रखने के लिए अंतरजातीय और अंतरधार्मिक विवाह काफी सहायक सिद्ध हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे विवाह करने वाले दंपत्ति शादी के एक साल बाद तक प्रोत्साहन राशि पाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

भट्ट ने कहा कि इस साल अभी तक किसी अंतरधार्मिक विवाह करने वाले दंपति को यह राशि नहीं दी गयी है। उन्होंने कहा, ‘ इस पर मचा बवाल आधारहीन है क्योंकि योजना मुख्य रूप से अंतरजातीय विवाहों को बढावा देने के लिए है ।’

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