मध्य प्रदेश के इंदोर में मुस्लिम बहुल सीटों पर 14 हजार से मुस्लिम मतदाता बीते विधानसभा चुनाव में वोट नहीं डाल पाए। दरअसल, इन सभी का वोटर लिस्ट से नाम गायब था। इन लोगों ने पिछले नगर निगम चुनाव में मतदान किया था।

विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस प्रत्याशी ने अपने-अपने क्षेत्र के मुस्लिम मतदाताओं की जांच की तो वह आश्चर्यचकित रह गए। पिछले चुनाव की अपेक्षा इस बार मुस्लिम मतदाताओं के अधिक नाम काटे गए। शहर की सभी 6 विधानसभा में अधिक संख्या में मुस्लिम मतदाता ही प्रभावित हुए और नाम भी काटे गए।

कुल मतदाताओं में से पिछली बार 57 प्रतिशत और इस बार 67 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया। जो पिछले विधानसभा चुनाव की अपेक्षा दस प्रतिशत अधिक है। सबसे ज्यादा मुस्लिम मतदाता विधानसभा पांच में 21.34 प्रतिशत है। वहीं तीन नंबर में 21.1 प्रतिशत, चार में 17 प्रतिशत और एक में 18 प्रतिशत है।

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शहरकाजी डॉ. इशरत अली ने कहा कि जिले की मुस्लिम आबादी 6 लाख के आसपास है। 3 लाख से अधिक मतदाता होंगे। पिछले लोकसभा और निगम चुनाव में वोट करने वाले मतदाताओं के नाम तक इस चुनाव में कट गए। लगभग 15 प्रतिशत लोगों के नाम सूची से काटे गए हैं। 9 विधानसभा में करीब 40 हजार वोटरों के नाम वोटर लिस्ट में नहीं मिल पाए।

इस मामले में उप जिला निर्वाचन अधिकारी रजनीश श्रीवास्तव ने कहा कि मुस्लिम मतदाताओं के नाम बड़ी संख्या में काटे गए, यह आरोप गलत है। ऐसा संभव ही नहीं है। मतदाताओं की गलती के कारण नाम कटे होंगे। अगर किसी की शिकायत हो तो प्रमाणित तथ्यों के साथ पेश करें। जांच करेंगे। लोकसभा चुनाव के लिए 26 दिसंबर से मतदाता सूची में नाम जोडऩे का काम शुरू हो रहा है। लोग नाम जुड़वा सकते हैं।

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