मध्य प्रदेश के इन्दौर के राज मोहल्ला इलाके में स्थित गुरुद्वारा साहिब ‘करतार कीर्तन’ को स्मार्ट सिटी योजना के तहत आज प्रशासन ने अचानक से आकर गिरा दिया. हालांकि पास में स्थित मंदिर को हाथ तक नहीं लगाया गया हैं.

दरअसल, मोदी सरकार द्वारा इन्दौर शहर को स्मार्ट सिटी योजना में शामिल किए जाने के बाद सरकार ने सभी धार्मिक स्थानों को किसी ओर स्थान पर अलाट करके वहां शिफ्ट किए जाने की सूचना दी थी. लेकिन सिख समाज की और से गुरू घर 50 साल पुराना होने के कारण बीच का कोई रास्ता निकालने की बात कही गई थी.

सिख संगत का कहना हैं कि इस बारें में विचार चल ही रहा था कि अचानक से 400 पुलिस कर्मचारियों की फोर्स नगर निगम अधिकारी आये और गुरू घर के अंदर सुशोभित श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप जबरन उठाने शुरू कर दिए. इस दौरान गुरू घर में शनिवार का सप्ताहिक समागम चल रहा था. इस दौरान एक 80 साला बुजुर्ग के घायल होने की खबर है.

पुलिस श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 4 स्वरूपों में से 3 स्वरूप भी उठा कर कहीं ले गई है. इसके अलावा गुरू घर अंदर पड़ी 300 साल पुरानी कृपाणें (सोने,चांदी के मुट्ठे), दो चांदी के फूलदान और गोलक के बीच 75 से 80 हजार के करीब भेट की राशि और लाकर की 3 लाख से अधिक नगदी भी गायब हैं. वहीँ गुरुद्वारा साहिब की इमारत से10 मीटर की दूरी पर एक मंदिर भी बना हुआ है जो पूरी तरह सुरक्षित है.

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