Monday, October 18, 2021

 

 

 

फ्रांस विरोधी प्रदर्शन में भारतीय एकता और भाईचारे को ठेस न पहुंचे: एमएसओ

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लखनऊ: फ्रांस में इस्लाम धर्म के पैगम्बर मोहम्मद (सल्ल) के विवादित कार्टून बनाए जाने की मुस्लिम स्टूडेंट्स  ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (MSO) के प्रदेश अध्यक्ष अबु अशरफ जीशान ने निंदा की है। उन्होने कहा कि चार्ली हेब्दो पत्रिका द्वारा कार्टून बनाए जाने के बाद फ्रांस में हत्याएं भी हुई और इस्लाम मुखालिफ कई प्रदर्शन भी हुए, ये भी किसी सभ्य समाज को शोभा नहीं देता।

उन्होने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि पैगंबर की छवि बिगाड़ने वाला कोई भी कृत्य निंदनीय है क्योंकि पैगंबर की शान के विरुद्ध किया गया कृत्य सभी मुसलमानों के लिए ना- काबिले बर्दाश्त है। मेरी समस्त मुसलमान भाइयों से अपील है कि समाज में अमन, शांति व भाईचारा बनाए रखें क्योंकि ऐसा महसूस किया जा रहा है कि कुछ असामाजिक एवं अवांछनीय तत्व समाज में अफवाह फैला कर सांप्रदायिक माहौल को बिगाड़ने की फिराक में लगे हैं। हमें मिल जुलकर इन कुत्सित प्रयासों को असफल करना है।

अबु अशरफ जीशान ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार समस्त देशवासियों को है और इस दिशा में मेरी आप सभी मुस्लिम भाइयों से अपील है कि आप विरोध अवश्य करें पर यह सारा प्रयास शांतिपूर्ण तरीके से कानून की हद में रहकर हो जिससे मुसलमानों को कट्टर इस्लाम परस्त होने के नाम पर बदनाम न किया जा सके। कुरान की आयत भी हमें शिक्षा देती है कि “हम इसलिए हम पैदा हुए हैं कि हम लोगों को अच्छी बातें बताएं और बुराई से रोकें, हमारे किसी भी कृत्य से समाज का अमन व चैन खराब न हो।”

इसके साथ ही उन्होने सयुंक्त राष्ट्र और भारत सरकार से मांग करते हुए कहा कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर ईशनिंदा के खिलाफ एक सख्त कानून बनाया जाए। जिसमे किसी भी धर्म के पैगंबर, दूत, महापुरुष आदि का अपमान पूरी तरह से वर्जित हो। उन्होने कहा कि मुसलमान सब कुछ बर्दाश्त कर सकता है। लेकिन पैगंबर ए इस्लाम के खिलाफ अपमानजनक कुछ भी बर्दाश्त नहीं कर सकता।

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