चरथावल /मुज़फ्फरनगर आज़ादी की लड़ाई हिन्दू मुस्लिम इत्तेहाद से लडी गयी थी ,फ़िरक़ा परस्ती को भी हिन्दू मुस्लिम इत्तेहाद से ही खत्म किया जासकता है,उक्त विचार नगला राई जे जामिया आयशा सिद्दीका लिल बनात में स्वंतन्त्रता दिवस के मौके पर आयोजित शानदार प्रोग्राम में वक्ताओं ने रखे, चरथावल विकासखण्ड के नगला राई में लड़कियों के बड़े शिक्षण संस्था जामिया आयशा सिद्दीका लिल बनात में स्वंतन्त्रता दिवस बड़े जोश ओ खरोश के साथ मनाया गया.

जिसमे जामिया की छत्राओं ने कई भावुक करदेने वाले प्रोग्राम पेश किये, देश भक्ति के तरानों के साथ जंग ए आज़ादी के मुजाहिदीन की क़ुर्बानियों को याद किया,जमीयत उलेमा ए हिन्द के प्रदेश उपाध्यक्ष हाफ़िज़ फुरकान असअदी की निगरानी में चलने वाले इस शिक्षण संस्था में समाज की विभिन्न बुराइयों पर विचार रखे गये ,इस अवसर पर प्रबन्धक मौलाना अहसान क़ासमी ने कहा कि देश के लिये बलिदान देने वाले बुज़ुर्गों की क़ुर्बानियों को भुलाना मुमकिन नही है,उन्होंने कहा कि आज़ादी हिन्दू मुस्लिम समुदाय के आपसी सहयोग से ही प्राप्त हो सकी है,उन्होंने कहा कि देश को तरक़्क़ी की राहों पर लाने के लिये सभी शिक्षा पर ध्यान देना होगा.

शिक्षित समाज ही देश का भला कर सकता है, जमीयत उलेमा ज़िला मुज़फ्फरनगर सचिव/प्रवक्ता मौलाना मूसा क़ासमी ने कहा कि जंग ऐ आज़ादी में किसी भी समुदाय की क़ुर्बानियों कम करके आंकना बेईमानी होगी,उन्होंने कहा कि दारुल उलूम देवबन्द और जमीयत उलेमा हिन्द के सपूतों ने सिर्फ 1857 की जंग में ही लाखों की संख्या में जानो की कुर्बानी ख़ुशी ख़ुशी पेश करदी थी,उन्होंने कहा कि जिस तरह हिन्दू मुस्लिम गठजोड़ से आज़ादी का परचम लहराया था उसी तरह देश के लिये घातक बन चुकी सांप्रदायक्ता के ज़हर को भी जड़ से खत्म करना होगा,शिक्षा,भरष्टाचार,विकास के मुद्दों के लिये समाज के ज़िम्मेदारों को आगे आना होगा, इस अवसर कारी शाहनवाज़ नुसरत जहां,सबिया खानम,राहत हुदा, खुशनुमा परवीन,शमा,आयशा गुलनाज,फहमीदा खातून,तज़किरा,शीबा,आरिफा,उज़्मा,वगेरा स्टाफ मौजूद रहे

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