मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को अजब ही माहौल देखने को मिला, जब शिवराज सरकार में वरिष्ट मंत्री बाबू लाल गौर ने अपनी सरकार को गरीबी और कुपोषण के मुद्दे पर कठघरें में खड़ा कर दिया.

दरअसल, सत्र के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने ग्वालियर और ग्वालियर संभाग के जिलों में कुपोषित बच्चों की स्थिति को लेकर सवाल उठाया. जिसके जवाब में महिला बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस ने कहा, कुपोषण की स्थिति में सुधार आया है.

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महिला बाल विकास मंत्री का जवाब सुनकर गौर भड़क उठे. उन्होंने सरकार के ही आकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि ग्वालियर में वर्ष 2014 में 27375, वर्ष 2015 में 30930, वर्ष 2016 में 28530 और वर्ष 2017 के शुरुआती छह माह में 27866 बच्चे कुपोषित हैं.

इस दौरान उन्होंने कहा कि गरीबी इस हद तक पहुंच गई है कि कुपोषित बच्चों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. माताओं को पोषित आहार नहीं मिल रहा है, वे कमजोर हैं और बच्चे भी कुपोषित हैं.

गौर ने सरकार को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए. इस वर्ष मात्र छह माह में कुपोषित बच्चों की संख्या 27866 हो गई है. यह स्थिति चिंताजनक है.

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