Thursday, August 5, 2021

 

 

 

मुस्लिमों के आरक्षण में वृद्धि धर्म के आधार पर नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक आधार पर

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हैदराबाद: राज्य के अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के आरक्षण में वृद्धि को लेकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने सोमवार को स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि मुस्लिमों के आरक्षण में वृद्धि धर्म के आधार पर नहीं बल्कि सामाजिक-आर्थिक पिछड़ेपन के आधार पर की गई है.

विधानसभा में उन्होंने सोमवार को कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग मुस्लिमों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का अध्ययन कर रहा है और आयोग की रिपोर्ट आने के बाद मुस्लिमों के आरक्षण में पांच से छह फीसदी की वृद्धि करने के लिए एक विधेयक पेश किया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने कहा, “अल्पसंख्यकों एवं अनुसूचित जनजातियों सहित पिछड़ा वर्ग के आरक्षण में वृद्धि करने के लिए विधेयक को पारित करने के उद्देश्य से चार-पांच दिन बाद फिर से सत्र बुलाई जाएगी.” मुख्यमंत्री राव ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के पिछड़े वर्ग के लोगों पहले ही पिछड़ा वर्ग (ई) के तहत रखा गया है और उन्हें आरक्षण दिया गया है.

हालांकि अगर राज्य सरकार नए विधेयक लाकर आरक्षण में वृद्धि करती है तो राज्य में कुल आरक्षण निर्धारित 50 फीसदी की सीमा को पार कर जाएगा. इस पर मुख्यमंत्री राव ने कहा कि वह केंद्र सरकार और सर्वोच्च न्यायालय से अपील करेंगे कि उन्हें तमिलनाडु की तर्ज पर निर्धारित सीमा से अधिक आरक्षण प्रदान करने की इजाजत दी जाए.

याद रहे तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने पिछले विधानसभा चुनाव-2014 के दौरान वादा किया था कि राज्य में मुस्लिमों को मिल रहे चार फीसदी के आरक्षण को बढ़ाकर 12 फीसदी कर दिया जाएगा.

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