Saturday, January 22, 2022

कमलनाथ के करीबियों पर आयकर के छापे, 281 करोड़ के रैकेट का खुलासा

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मध्‍य प्रदेश में पिछले दो दिनों में हुए आयकर विभाग के छापों एक बड़े और संगठित रैकेट का पर्दाफाश हुआ है जिसमें 281 करोड़ रुपये बरामद हुए हैं जिनका कोई हिसाब नहीं है। इसमें नेता, कारोबारी और ब्यूरोक्रेट्स शामिल हैं। आयकर विभाग ने सोमवार को एक बयान जारी कर यह जानकारी दी।

आयकर अधिकारी ने बताया कि रविवार की सुबह उनकी टीम ने इंदौर में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के निजी सचिव प्रवीण कक्कड़ के घर और राजेंद्र मिगलानी के दिल्ली आवास पर हावाला मामले को लेकर छापेरमारी की थी।आयकर विभाग के अनुसार जांच में कई संदिग्ध लेनदेन पाए गए जो हाथ से लिखी डायरियों, कम्प्यूटर फाइल्स और एक्सेल शीट से मिलान कर सही पाए गए।

सीबीडीटी के मुताबिक, कैश का एक हिस्सा हवाला के जरिए दिल्ली स्थित एक बड़ी राजनीतिक पार्टी के मुख्यालय में भी ट्रांसफर किया गया। इसमें 20 करोड़ रु. की वह रकम भी शामिल है, जिसे हाल ही में पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के तुगलक रोड स्थित आवास से पार्टी मुख्यालय में भेजा गया था।

एक वरिष्ठ पदाधिकारी के करीबी रिश्तेदार के समूह के दिल्ली स्थित ठिकानों पर छापों के दौरान कई सबूत मिले। इनमें एक कैशबुक भी शामिल है, जिसमें 230 करोड़ के बेनामी लेनदेन का जिक्र है। सीबीडीटी के मुताबिक, कैशबुक के अलावा 242 करोड़ रु. की रकम के फर्जी बिलों के जरिए हेरफेर और टैक्स हैवेन कहे जाने वाले देशों में 80 कंपनियों की मौजूदगी के सबूत भी मिले हैं। दिल्ली के पॉश इलाकों में कुछ बेनामी संपत्तियों का भी खुलासा हुआ है।

आयकर विभाग की टीम सीएम के निज सचिव प्रवीण कक्कड़ की पत्नी साधना को लेकर आईडीबीआई बैंक गई और लॉकर खुलवाया। इसमें से 48 लाख रु. की ज्वेलरी मिली है। इसके पहले घर से 30 लाख की ज्वेलरी भी मिली थी। ‌आयकर की टीम दोपहर में कक्कड़ के बेटे सलिल को लेकर बीसीएम हाइट्स गई, यहां पर उनकी थर्ड आई, शरद बिल्डर्स, ऐश्वर्या बिल्डर्स और अन्य कंपनियों के दफ्तर हैं, जिसमें वह डायरेक्टर है।

कमलनाथ के सलाहकार राजेन्द्र मिगलानी के घर 30 घंटे से ज्यादा समय तक छापामारी चली। विभाग को इलेक्शन बाॅन्ड खरीदे जाने के दस्तावेज मिले हैं। दस्तावेज में लिखा है ‘इलेक्शन बान्ड-200’। अश्विन शर्मा और प्रतीक जोशी के यहां सोमवार सुबह 1.46 करोड़ रुपए की नकदी की और बरामदगी की गई। इसके दो बाद दो दिन की कुल जमा नकदी 10.46 करोड़ रु. हो गई।

इसके अलावा 281 करोड़ रुपए के ट्रांजेक्शन के प्रमाण भी मिले। कैश अधिक होने के कारण आयकर विभाग की टीम ने एटीएम में कैश डालने वाली एजेंसी कैश रिप्लेसमेंट एजेंसी (सीआरए) की वैन बुलाई। इसके जरिए सारा कैश 5 बड़े बॉक्स में भरकर बैंकों में जमा कराने भेजा गया।

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