देश में अल्पसंख्यक समुदायों का जीना मुहाल हो गया हैं, कथित गौरक्षा, लवजिहाद, धर्मपरिवर्तन, वन्दे मातरम, भारत माता आदि के नाम पर अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाया जा रहा हैं. सरेआम उनके मानवाधिकारों का हनन किया जा रहा हैं और ये सब कुछ हो रहा हैं सरकारी संरक्षण में.

इसी से जुड़ा एक और मामला गोरखपुर में सामने आया जहाँ पर हिंदू युवा वाहिनी के सदस्यों ने एक चर्च में धर्मपरिवर्तन कराने का आरोप लगाकर जमकर उत्पात मचाया. महाराजगंज के डढौली के इस चर्च में भगवा कार्यकर्ताओं ने संविधान द्वारा प्रदत धर्म एवं संस्कृति के मुलभुत अधिकार का हनन किया जिसमे यूपी भी मददगार रही.

दरअसल चर्च में प्रार्थना सभा चल रही थी, जिसमें 11 अमेरिकी नागरिकों के साथ 150 स्थानीय लोग शामिल थे. इसी दौरान हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता अपने भगवा एजेंडा के तहत पहुँच गए और धर्म परिवर्तन का आरोप मढ़ दिया. लगभग 5 घंटे की पुलिस जांच के बाद भगवा कार्यकर्ताओं का आरोप पूरी तरह फर्जी पाया गया. हालांकि इस दौरान फिर भी पुलिस पर कारवाई का दबाव बनाते रहे.

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धर्म परिवर्तन की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्रार्थना सभा को रोक दिया. इस दौरान अमेरिकी नागरिकों के वीजा और पासपोर्ट की जांच की तो वो भी सही पाए गए. हालांकि अमेरिकी नागरिकों से मुद्दा जुड़ा होने के कारण पुलिस ने भगवा कार्यकर्ताओं की न चले दी और सभी को क्लीन चीट दे दी.

कथित धर्म परिवर्तन के आरोपों पर चर्च के व्यवस्थापक यू हन्ना आदम ने कहाकि चर्च में सिर्फ़ प्रभु की प्रार्थना होती है जिसमें लोग अपनी मर्ज़ी से शामिल होते हैं. हालांकि ये पहला मामला नहीं है जब हिंदू संगठनों ने धर्म परिवर्तन के नाम पर हंगामा किया हो.

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