Saturday, July 31, 2021

 

 

 

हेट स्पीच मामलें में पुलिस ने सीएम योगी से मांगी उनके ही खिलाफ कारवाई की इजाजत

- Advertisement -
- Advertisement -

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद सँभालने के बाद योगी आदित्यनाथ ने राज्य में मंत्रालयों का बंटवारा कर दिया हैं. उन्होंने गृह मंत्रालय को अपने पास ही रखा हैं.

ऐसे में अब 2 साल पुराने हेट स्पीच मामलें की फाइल सीएम योगी के पास पहुंची हैं. जिसमे इस केस से जुड़े आरोपियो पर मुकदमा चलाने की आधिकारिक इजाजत मांगी हैं. ख़ास बात ये हैं कि इस केस में मुख्यमंत्री भी खुद आरोपी हैं. आदित्यनाथ के अलावा गोरखपुर एमएलए राधामोहन दास अग्रवाल और बीजेपी राज्य सभा एमपी शिव प्रताप शुक्ला भी इस केस में आरोपी के रूप में शामिल हैं.

पुलिस ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आईपीसी की धारा 153-A (धर्म के आधार पर दो समुदायों के बीच हिंसा भड़काने) के तहत चार्जशीट दायर करने की आधिकारिक अनुमती की मांग की है. यह मामला दस साल पहले गोरखपुर में हुई साम्प्रदायिक हिंसा से जुड़ा है.

दरअसल 26 जनवरी 2007 को गोरखपुर में कुछ लड़कों ने एक महिला से छेड़छाड़ की था जिसके बाद इलाके में साम्प्रदायिक हिंसा फैल गई थी. पुलिस ने आरोपी लड़कों की गिरफतारी करने के लिए पीछा किया था. लेकिन वे मोहर्रम के जुलूस का फायदा उठाकर भीड़ में शामिल हो गए थे. इसी बीच मोहर्रम के जुलूस में फायरिंग हो गई. जिसमे कई लोग घायल हो गये थे. इसके बाद इलाके में साम्प्रदायिक तनाव फ़ैल गया था.

इस मामले में पूर्व पत्रकार पत्रकार परवेज ने एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की. लेकिन पुलिस के इनकार के बाद हाई कोर्ट ने इस मामलें में दखल दिया और 26 सिम्बर 2008 को एफआईआर दर्ज हुई. फआईआर के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ ने दो समुदायों के बीच हिंसा भड़काने के लिए भड़काऊ भाषण दिए थे जिसमें उन्होंने हिंदू युवा की मृत्यु का बदला लेने की धमकी की बात कही थी.

परवेज का दावा है कि उसके पास सीएम आदित्यनाथ के कथित रूप से दिए गए भड़काऊ भाषण की वीडियो फुटेज है जो उन्होंने कर्फ्यू लगे होने के दौरान दिए थे. इस दौरान आदित्यनाथ के साथ उस समय गोरखपुर एमएलए राधामोहन दास अग्रवाल, बीजेपी राज्य सभा एमपी शिव प्रताप शुक्ला, मेयर अन्जु चौधरी और पूर्व बीजेपी एमएलसी वाय डी सिंह भी मौजूद थे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles