बुचड़खानों के खिलाफ एक पक्षीय कारवाई को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री को प्रदेश के कुरैशी समाज ने बड़ी चुनौती दी है. कुरैशी महापंचायत के प्रदेश अध्यक्ष मो. शकील कुरैशी ने कहा है कि अगर योगी में दम है, तो आरएसएस-भाजपा नेताओं का स्लाउटर हाउस बंद करके दिखाएं.

उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के अत्यंत पिछडे़ वर्ग कुरैशी समाज जो दशको से ( बडे जानवरो) के मांस के व्यापार से अपने परिवारो का भरण पोषण कर रहा था. उसकी रोजी रोटी पर नवनियुक्त महंत योगी आदित्य नाथ की नेतृत्व मे बनने वाली भाजपा सरकार ने कुठाराघात करते हुए जिस तरह स्लाटर हाउसो को बंद करने का फरमान जारी किया है वह पूर्णता असंवैधानिक कृत्य है.

कुरैशी महापंचायत के प्रदेश अध्यक्ष मो, शकील कुरैशी,भारतीय निमार्ण मजदूर यूनियन (भानिमयू)के नेता व न्याय मंच के अध्यक्ष अमित मिश्रा ने आज जारी अपने संयुक्त बयान मे कहा है की यह सरकार सारे फैसले साम्प्रदायिक व जातिगत आधार पर कर रही है. उन्होंने आगे कहा कि योगी मुस्लिम समुदाय के अत्यंत पिछडे़ अशिक्षित कुरैशी समाज जो की सिर्फ मांस के व्यापार से अपने परिवारो का पालन पोषण करने व बगैर सरकारी अनुदान के राज्य सरकार को हर वर्ष 19000/ करोड़ ₹ का राजस्व उपलब्ध कराता है. वह योगी सरकार के इस साम्प्रायिक व मुस्लिम विरोधी फैसले से भूखमरी व बेरोजगारी के कगार पर पहुंच जायेगा.

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उन्होने कहा की योगी सरकार संवैधानिक व प्रशासनिक संस्थाओ को पंगु बना रही है उन्होने कहा की कल हाथरस मे मुर्गा व बकरा मांस की दुकानो पर की गई लूटमार व आगजनी मे संघ बजंरग दल के लोग शामिल थे और इस तरह की तमाम घटनाये संघ व उसके अनुषांगिक संगठनो के लोग करते रहें है अब वही लोग सरकारी संरक्षण मे पूरे प्रदेश मे इस धिनौना कृत्य को अंजाम दे रहे.

न्याय मंच अध्यक्ष व मजदूर नेता श्री अमित मिश्रा ने योगी सरकार पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा की प्रदेशभर मे भाजपा नेताओ के स्लाटर हाउसो को आर्थिक लाभ पहुचांने के लिये संघ के ईशारे पर गरीब मुस्लिम समुदाय के पिछडे़ वर्ग कुरैशी समाज को आर्थिक तौर पर कंगाल करने का षंडयत्र रचा गया है. उन्होने आगे कहा की समुदाय विशेष के साथ साथ मनरेगा के मजदूरो का लम्बे समय से बकाया बाकी है जिसको केन्द्र की मोदी सरकार ने रोक रखा है तथा मांस से सम्बन्घित चमडे सफाई के पेशे से जुडे दलित समुदाय के मजदूरो के खिलाफ जिस तरह से साम्प्रदायिकता को आधार बनाकर योगी सरकार की दहशत पैदा करते हुए मुसलमानो को बेरोजगार कर उसे भूखो मारने की पूरी योजना है.

उन्होंने कहा, यू.पी.के सीएम योगी आदित्तयनाथ एक सीएम की तरह नही बल्कि अपने मुस्लिम विरोधी मानसिकता और आरएसएस के प्रचारक की तरह काम कर रहें है. मित ने यह भी कहा की अगर योगी मे दम है तो वह आरएसएस व भाजपा के बडे़ नेताओ उपमुयमंत्री केशव मौर्या,संगीत सोम,लक्ष्मीकान्त बाजपेयी,संजीव बलियान, जैन बन्धु समेत सैकडो़ कार्यकर्ताओ के स्लाटर हाउस व बूचडखाना बन्द करे लेकिन वह ऐसा नही करेंगे क्योकि उन्हे संघ से जुडे लोगो का बिजनेस बढा़ना है और मांस के मुस्लिम कारोबारीयो को डराकर अरबों रुपये चन्दा लेने की योजना है.

संयुक्त साझा बयान मे कुरैशी महापंचायत,भारतीय निमार्ण मजदूर यूनियन (भानिमयू)के नेता व न्याय मंच के अध्यक्ष अमित मिश्रा ने कहा की योगी की मुसलमानो के प्रति दमनकारी साम्प्रादायिक नीतियो के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान चलाकर दलितो मुसलमानो मजदूरो के हक हुकूक के लिये संघर्ष करेगा.

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