Symbolic

मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले के सुसनेर तहसील के सालरिया गांव में स्थित देश के सबसे बड़े गौ अभयारण्य में खराब भूसा खाने के चलते हो रही गायों की मौतों को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत को निशाने पर लिया है.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव और नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि एक गाय को साथ ले जाते देखकर गौरक्षा के नाम पर उस इंसान की जान लेने की छूट मिल जाती है, लेकिन ऐसी छूट देने वाले सैकड़ों गायों की मौत पर मौन क्यों हैं, यह स्पष्ट करें.

उन्होंने भागवत और मोदी को पत्र लिखकर सालरिया गौ अभयारण्य में सैकड़ों गायों की मौत की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर धारा 302 के तहत मामला दर्ज कराने की मांग की है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

कांग्रेस नेता ने कहा, “वहां कई गायें मरणासन्न हालत में थीं और जिन गायों की मौत हो चुकी थी, उनमें से कई के शवों को कुत्ते खा रहे थे. मृत गायों को ठीक तरह से दफनाया भी नहीं गया था. ये लोग वोट पाने के लिए गौमाता और उससे भी बढ़कर राष्ट्रमाता तक कहने में संकोच नहीं करते। उसके बाद सबकुछ भूल जाते हैं.”

अजय सिंह ने कहा कि गौ अभयारण्य में बीते तीन माह में 400 गायों की मौत हुई है, जबकि प्रशासन सिर्फ 117 की मौत स्वीकार रहा है. उन्होंने कहा, “अगर 117 के आंकड़े को ही सच मान लिया जाए, तो इनकी मौत क्यों हुई?

पत्रिका की रिपोर्ट के अनुसार, सड़ा चारा खाने के चलते रोजाना 10 से 20 गाय मर जाती हैं और 15 दिनों के भीतर 300 गाय सड़ा चारा खाने के चलते मर चुकी हैं. ध्यान रहे गायों के चारे के लिए केंद्र की और से 35 लाख रुपये अनुदान में मिल चुके है. इसके अलावा 50 लाख रुपये और आने है.