प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास के वादों के बीच देश भुखमरी से भी आजाद नहीं हो पाया है. बीजेपी शासित झारखंड में बीते के सप्ताह में भूख की वजह से तीन लोगों की मौत हो गई. जिनमे के नाबालिग बच्ची भी शामिल है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवघर के मोहनपुर प्रखंड अंतर्गत भगवानपुर गांव में 62 वर्षीय रुपलाल मरांडी की भूख के चलते मौत हो गई. उनके घर में खाने को अनाज का एक दाना भी नही था. जिसकी वजह से पिछले दो दिनों से घर का चूल्हा तक नहीं जला.

मृतक की बेटी मानोदी मरांडी ने बताया कि उनके पिता के अंगूठे का निशान बॉयोमेट्रिक मशीन से नहीं मिलने पर पिछले दो महीने से परिवार को राशन नहीं दिया जा रहा था. ध्यान रहे इस पहले ऐसे ही दो मामले सामने आ चुके है.

सिमडेगा जिले में 11 साल की संतोषी कुमारी के परिवार को आधार से राशन कार्ड के लिंक न होने की वजह से राशन नहीं दिया जा रहा था. ऐसे में संतोषी की भूख से तड़प-तड़प कर मौत हो गई.

इसके अलावा धनबाद के झरिया के भालगढ़ा ताराबगान इलाके के रिक्शा चालक वैद्यनाथ दास की भी भूख की वजह मौत हुई. तक वैद्यनाथ दास बेहद ही गरीब था. बीपीएल सूची में नाम न होने की वजह से वह बीते तीन सालों से  राशन कार्ड बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा था.

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