Wednesday, June 29, 2022

अजमेर दरगाह के विकास के विरोध में हिन्दू संगठनों का हिंदुस्तान जिंक के खिलाफ प्रदर्शन

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विश्व प्रसिद्ध अजमेर की ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती दरगाह को विकास के लिए हिंदुस्तान जिंक के साथ एमओयू साइन हुआ है। ऐसे में आरएसएस के आनुसांगिक संगठन बजरंग दल सहित अन्य हिंदू संगठनों ने मोर्चा खोलते हुए कलक्ट्रेट पर जबर्दस्त प्रदर्शन किया।

जानकारी अनुसार गत दिनों चित्तौड़गढ़ स्थित हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने केन्द्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के आग्रह पर अपने सीएसआर फंड से अजमेर की दरगाह को विकास के लिए एक सौ करोड़ की राशि दिए जाने का ऐलान किया है।

हजरत शेख ख्वाज़ा सैयद मोईनुद्दीन हसन चिश्ती अजमेर ख्वाजा साहब की दरगाह में हर माह लाखों लोग अकीदत के लिए आते है इस पवित्र धार्मिक स्थल को 2016 में स्वच्छ आइकाॅनिक प्लेस में चयनित किया है जिसके जिम्मा विश्व की अग्रणी और देश की एकमात्र एकीकृत सीसा, जस्ता और चांदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक ने उठाया है।

ajmer sharif

स्वच्छ भारत मिशन के तहत् दरगाह के संरक्षण, स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए हिन्दुस्तान जिंक द्वारा प्रथम चरण में 5.68 करोड़ रूपयों की लागत होगी जिसके लिए केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, हिन्दुस्तान जिंक से मुख्य वित्तीय अधिकारी अमिताभ गुप्ता, दरगाह कमेटी से मुख्यकार्यकारी अधिकारी एवं नाजीम आईबी पीरज़ादा, नगर परिषद अजमेर के कमिशनर हिमांशु गुप्ता ने समझौते के ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये।

हिन्दुस्तान जिंक के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेशन पवन कौशिक ने बताया कि कंपनी द्वारा हाल ही में 27 लाख रूपयों की लागत से फूलों से खाद बनाने वाली दो मशीनों को स्थापित किया गया है जहां जायरिनों द्वारा चढ़ाए जा रहे फूलों को खाद में परिवर्तित किया जा रहा है। हिन्दुस्तान जिंक द्वारा दरगाह शरीफ के विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है जिसके अनुरूप इसे क्रियान्वित किया जाएगा।

हिंदुस्तान जिंक द्वारा अभिमन्यू दलाल आर्किटेक्ट्स, रसिका रिसर्च एण्ड डिजाईन एवं एमकेजी कंसलटेट को इस परियोजना के आर्किटेक्चरल पार्ट के लिए नियुक्त किया है जो कि इसे क्रियान्वित करेंगें।

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