मालेगांव विस्फोट के आरोपी मेजर रमेश उपाध्याय ने शुक्रवार को अखिल भारतीय हिंदू महासभा के बैनर तले बलिया लोकसभा सीट से नामांकन किया। इस दौरान उपाध्याय ने शहीद हेमंत करकरे पर साध्वी प्रज्ञा ठाकुर द्वारा दिए गए विवादित बयान पर सहमति जताई।

इतना ही नहीं विवादित बयान देते हुए कहा कि ‘हेमंत करकरे आतंकवादियों के हाथों मारे गए, यह उनकी नालायकी का सबसे बड़ा सबूत है। हेमंत करकरे ने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को नंगा करके पीटा। हम सभी को टॉर्चर किया। 12 में से 11 अभियुक्त ठीक से चल नहीं सकते हैं। प्रज्ञा सिंह ठाकुर वीलचेयर पर चलती हैं। इसका सबूत है हेमंत करकरे ने उन्हें बहुत टॉर्चर किया था।’

रमेश उपाध्याय का कहना है कि हम लोगों के ऊपर सारी कार्रवाई तत्कालीन कांग्रेस सरकार ,सोनिया गांधी और अहमद पटेल, पी चिदंबरम और सुशील कुमार शिंदे, दिग्विजय सिंह के निर्देश पर हो रही थी। ब्यूरोक्रेसी उनका पिठ्ठू बना हुआ था।

रमेश ने कहा कि कोई पुलिस वाला कहीं भी मरे, वो शहीद नहीं कहलाता। शहीद केवल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व सैनिक होते हैं। वहीं 71 पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों ने भोपाल से भाजपा की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह के चुनाव लड़ने पर आपत्ति जताई है। इन अफसरों ने साध्वी प्रज्ञा सिंह की उम्मीदवारी वापस लेने की मांग की है।

इन सभी पूर्व अधिकारियों ने ओपन लेटर लिखकर साध्वी प्रज्ञा के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है जिसमें कहा गया था कि उनके ही श्राप से ही एटीएस चीफ हेमंत करकरे की आतंकियों से लड़ने के दौरान मौत हुई थी। साध्वी ने जेल में करकरे द्वारा प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया था।

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