मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल एनकाउंटर में मारे गए कथित सिमी सदस्य खादिल की मां महमूदन बी की और से दायर की गई याचिका का पटाक्षेप करते हुए आदेश में कहा कि इस मामले की जांच जस्टिस एसके पाण्डेय कर रहे हैं. ऐसे में अलग से कोई दिशा-निर्देश जारी करने की आवश्यकता नहीं है.

जस्टिस संजय यादव की एकलपीठ ने कहा कि इससे जुड़े अन्य प्रकरणों में पूर्व में हाईकोर्ट ने आदेश पारित कर दिया है. वही आदेश इस याचिका पर भी लागू होंगे. सभी याचिकाओं में सिमी एनकाउंटर मामले की किसी सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज या स्वतंत्र एजेंसी से उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी.

खादिल की मां महमूदन बी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रे प्रकरण की जांच सीआईडी या सीबीआई से कराने की मांग की थी. याचिका में कहा गया था कि पूरा एनकाउंटर फर्जी था और इसमें अफसरों की मिलीभगत थी.

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मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता महाराष्ट्र निवासी महमूदन की बी की ओर से अधिवक्ता नईम खान ने पक्ष रखा. उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता का बेटा सिमी का आरोपी था न कि आतंकी. इसके बावजूद उसे आतंकी करार देकर एनकाउंटर में मार गिराया गया. चूंकि एनकाउंटर संदेह से परे नहीं है, अतः मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए.

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