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गुर्जर आरक्षण को लेकर वसुंधरा सरकार को बड़ा झटका लगा है. राजस्थान हाईकोर्ट ने गुरुवार को  आेबीसी आरक्षण विधेयक 2017 पर लगा दी है.

ध्यान रहे हाल ही में वसुंधरा सरकार ने गुर्जरों को आरक्षण देने के लिए राजस्थान पिछड़ा वर्ग (राज्य की शैक्षिक संस्थाओं में सीटों और राज्य के अधीन सेवाओं में नियुक्तियों और पदों का आरक्षण) विधेयक, 2017 पारित किया था. इसके तहत गुर्जरों सहित पांच जातियों को ओबीसी में पांच फीसदी आरक्षण देने की कोशिश की गई थी.

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इस अधिनियम पर हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि राजनेता देश को बांट रहे हैं. राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस तरह के बिल लाते हैं. इस बिल के जरिए ओबीसी आरक्षण को 21 से 26 फीसदी किया गया था. जिसके साथ ही राजस्थान में कुल आरक्षण बढ़कर 54 प्रतिशत हो गया.

इस मामले में पहले ही हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए चीफ सेक्रेटरी को इस सम्बन्ध में अवमानना नोटिस भी जारी किया था. कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि प्रदेश में आरक्षित जातियों का दोबारा क्वांटिफाइड डाटा बनाए बिना सरकार अपनी मनमानी कर रही है.

वर्तमान में पिछड़ा वर्गों की सूची में 91 जातियां सम्मिलित हैं. अब बंजारा/बालदिया/लबाना, गाडिया लोहार/गाडोलिया, गूजर/गुर्जर, राईका/रैबारी/देबासी, गडरिया/गाडरी/गायरी इस सूची में शामिल की जाएंगी.

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