जेएनयू से लापता हुए छात्र नजीब अहमद के मामले में सीबीआई की ढुलमुल कार्रवाई पर दिल्ली हाई कोर्ट ने एजेंसी को कड़ी फटकार लगाई है.

जस्टिस जी एस सिस्तानी और चंद्र शेखर की बेंच ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि हमने मजाक करने के लिए सीबीआई के पास मामला हस्तांतरित नहीं किया है. बेंच ने कहा कि 17 जुलाई की रिपोर्ट दिखाती है कि एजेंसी ने केवल दिखावे के लिए कदम उठाए हैं.

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कोर्ट ने कहा, सीबीआई ने इस मामले में 17 जुलाई को जो रिपोर्ट पेश की थी, वही इस बार भी है. इसमें सीबीआई ने कोई नया तथ्य नहीं दिया है. हाई कोर्ट ने तल्ख लहजे में कहा कि पिछली सुनवाई टाली गई थी और 8 अगस्त को सुनवाई ढाई पेज की रद्दी को देखने के लिए नहीं रखी गई थी. सीबीआई अगली सुनवाई से पहले नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे.

बेंच ने सुनवाई के दौरान सीबीआई से पूछा कि छात्र के लापता होने से पहले की रात उसे पीटने के आरोपियों के साथ पूछताछ में क्या हुआ ? सीबीआई ने कहा कि वह इस बारें में जानकारी स्टेटस रिपोर्ट में देखेगी. साथ ही सीबीआई ने यह भी कहा कि उसकी जांच आगे बढ़ी है और उसे  मामला सुलझने का विश्वास है, लेकिन इसमें थोड़ा समय लगेगा.

गौरतलब रहें पिछले साल 15 अक्टूबर को जेएनयू कैंपस से लापता हुए नजीब अहमद की मां की याचिका पर हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रान्च को नजीब को तलाशने की जिम्मेदारी सौंपी थी. हालांकि नकाम रहने पर हाई कोर्ट ने 16 मई को मामले को सीबीआई के हवाले कर दिया था.

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