Tuesday, October 26, 2021

 

 

 

गोमांस बेचने के आरोप में भेजा था बाल सुधार गृह, किशोर की पिटाई कर खिलाया मल, पिलाया पेशाब

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नूंह के नजदीक एक गांव के मामले में गोमांस और खाल बेचने के नाबालिग आरोपी पॉको बाल सुधार गृह में मल खिलाने और धर्म विशेष के नारे लगाने को मजबूर करने का मामला सामने आया है। मामले को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बेहद गंभीरता से लेते हुए हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

एडवोकेट मजलिज खान ने बताया कि पीड़ित पॉलिटेक्निक कॉलेज में पढ़ाई करता है। 29 दिसंबर 2018 को वह कॉलेज जाने से पहले नूंह स्थित अपने पिता की दुकान पर मौजूद था। उसे दुकान से पुलिस उठा कर ले गई और हरियाणा गो संवर्धन व गो संरक्षण एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर गोमांस और गाय की खाल बेचने का आरोप लगा दिया। केस को जिला अदालत में लगाया गया। नाबालिग होने के चलते बेटे को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड भेज दिया गया।

उन्होने बताया, जब बाल सुधार गृह के अधिकारियों ने वारंट देखा तो वह भड़क गए और कहा कि तुम गाय काटते हो। बेटे ने अफसरों को बताया कि वह बेकसूर है, लेकिन उन्होंने उसे उस बैरक में डाल दिया, जहां पहले ही 16-17 लड़के बंद थे।

पीड़ित के पिता ने बताया कि उन लड़कों को कहा कि यह गाय काटता है और इसे ऐसा सबक सिखाओ की कभी न भूले। इसके बाद उन लड़कों ने पीड़ित को बुरी तरह से पीटा। पीटने के बाद पहले उसे पेशाब पिलाया गया और फिर मल जबरन उसके मुंह में ठूंस दिया गया।

याची ने कहा कि बाल सुधार गृह जैसे स्थान बच्चों की सुरक्षित हिरासत के लिए होते हैं लेकिन हरियाणा में इन स्थानों पर क्रूरता का नजारा आम हो रहा है। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि बाल सुधार गृहों में मौजूद ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और इस मामले की जांच उच्च स्तरीय एसआईटी से करवाई जाए।

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