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अखिल भारतीय हिंदू महासभा की और से मेरठ में शुरू की गई हिंदू अदालत को लेकर मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए वक्त वक्त मांगा। जिस पर 17 सितम्बर तक का जवाब दाखिल करने का समय दिया गया।

कानपुर के अंकित कुमार सिंह ने द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने हिन्दू महासभा के सचिव और मेरठ के जिलाध्यक्ष समेत राज्य सरकार व दूसरे विपक्षियों से जवाब मांगा था। अदालत ने इस मामले में डीएम मेरठ और हिंदू कोर्ट में नियुक्त जज डॉ पूजा शकुन पांडेय को भी पक्षकार बनाने का निर्देश देते हुए दोनों को नोटिस जारी किया है।

भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक शर्मा के अनुसार यह देश की पहली हिंदू अदालत है। जिसमे महासभा की राष्ट्रीय पदाधिकारी अलीगढ़ निवासी डॉक्टर पूजा शकुन पांडे को पहली हिंदू जज नियुक्त किया गया है। 15 नवंबर को नाथूराम गोडसे की फांसी के दिन अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, फिरोजाबाद और शिकोहाबाद में हिंदू अदालत की स्थापना करने की योजना है।

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गौरतलब है कि हिंदू महासभा नाथूराम गोडसे को अपना आदर्श मानता है और हिंदू धर्म की रक्षा के लिए उनके पदचिन्हों पर चलने की बात करता है। हिंदू महासभा को इस बात का भी गर्व है कि वे नाथूराम गोडसे की पूजा करते हैं, जिन्होंने 30 जनवरी 1948 को महत्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

खुद को सामाजिक कार्यकर्ता और गणित की प्रोफेसर बताने वाली पूजा शकुन ने कहा था, ‘हां, मुझे गर्व है कि हम नाथू राम गोडसे को पूजते हैं। वो गांधी के हत्यारे नहीं थे। उन्हें भारतीय संविधान लागू होने से पहले सजा दे दी गई थी। जाइए पढ़िए।’

वो आगे कहती हैं, ‘मैं गर्व से कहती हूं कि अगर नाथू राम गोडसे से पहले मैं पैदा होती तो मैं ही गांधी को मार देती। यह भी सुन लीजिए, अगर आज भी कोई गांधी पैदा होगा जो देश बांटने की बात करेगा तो नाथू राम गोडसे भी इसी पुण्य भूमि पर पैदा होगा।’

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