भाजपा शासित हरियाणा के किसानों की अपनी जमीन को लेकर उम्मीद टूटती हुई नजर आ रही हैं. लेकिन किसानों ने अब भी हिम्मत नहीं हारी हैं. सोनीपत के किसानों ने अपनी जमीन बचाने के लिए चीन के प्रधानमंत्री ली केक्विआंग को खत लिखा हैं.

दरअसल, हरियाणा सरकार ने खरखोदा में 10 बिलियन डॉलर की इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण की हैं. लेकिन किसान इस अधिग्रहण के खिलाफ हैं. अधिग्रहण का विरोध करने वाली कुंदाल की भूमि बचाओ संघर्ष समिति ने कहा है कि किसानों ने हरियाणा सरकार को जमीन का कब्जा नहीं दिया है. समिति का कहना है कि किसान अपनी अंतिम सांस तक ऐसा नहीं करेंगे.

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किसानों ने अपनी जमीन बचाने के लिए चीन के प्रधानमंत्री ली केक्विआंग को लिखे ख़त में कहा कि वे वांडा ग्रुप ऑफ चाइन हेतु जमीन अधिग्रहण के मामले में हस्तक्षेप करें. दरअसल जनवरी 2015 में हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल ऐंड इंफ्रास्ट्रकचर डिवेलपमेंट कॉर्पोरेशन (HSIIDC) ने खरखोदा में वांडा इंडस्ट्रियल न्यू सिटी बनाने के लिए एमओयू पर साइन किया था.

किसान अधिग्रहण के खिलाफ अधिक मुआवजे की मांग कर रहे हैं. साथ ही डिवेलप्ड प्लॉट पर दूसरी सुविधाएं भी चाहते हैं.  समिति ने कहा है कि प्रभावित किसानों ने जमीन अधिग्रहण को चुनौती दी है और यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है.

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