हरियाणा में एक बार फिर से जाट आंदोलन की आग जलने लगी है. जाटों के एक धड़े द्वारा 29 जनवरी से आरक्षण आंदोलन का एक और चरण शुरू करने का आह्वान किए जाने के मद्देनजर रोहतक जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर जिले के कई हिस्सों में धारा 144 लगा दिया है.

करीब 60 खापों ने आंदोलन में शमिल नहीं होने का एलान किया है ताे करीब 43 खाप पंचायतें 29 जनवरी से आंदोलन के लिए तैयार हैं. जाट संगठनों में टकराव के हालात के बीच हरियाणा तनाव का माहौल हैं. इसके चलते हरियाणा सरकार ने राज्य में 7,000 होमगार्डों की तैनाती के अलावा केंद्र से अर्धसैनिक बलों की 55 कंपनियों की मांग की है.

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पिछले साल इसी तरह के आंदोलन में 30 लोगों की मौत हो गई थी और व्यापक तोड़फोड़ की घटनाएं हुई थीं. और तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुई थी लिहाजा सरकार इस बार कोई भी कोताही बरतना नहीं चाहती जिसकी वजह से उसे आगामी चुनाव में नुकसान झेलना पड़े.

सरकार ने हिसार में पैरामिलिट्री और हरियाणा पुलिस की 5-5 कंपनियां भेज दी हैं. इसके साथ हिसार में नेशनल हाइवे और रेल ट्रैक के आसपास धरने पर रोक लगा दी है और जगह -जगह नाकाबंदी कर दी गई है. इसी के साथ आंदोलन से पहले रोहतक में बेमियादी धरना शुरु कर दिया गया है और वो पिछले जाट आंदोलन का केस वापस लेने और लोगों की रिहाई की मांग कर रहे हैं.

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