244

हरियाणा के जीन्द और आसपास के क्षेत्र के करीबन 120 दलितों ने बौद्ध धर्म अपना कर हिन्दू धर्म त्याग दिया है. सभी ने दिल्ली के लद्दाख बौद्ध भवन में जाकर धर्म परिवर्तन किया है.

दलित समाज के नेता दिनेश खापड़ का कहना है कि वे पिछले करीबन 113 दिन से जींद में धरने पर बैठे थे लेकिन सरकार उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रही थी। कई बार दलित समाज का शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मिला लेकिन हर बार आश्वासन ही दिया गया।लेकिन हमारी मांगे पूरी नहीं की गईं।

दलितोंकी प्रमुख मांगों में झांसा गैंग रेप की सीबीआई जांच, ईश्वर हत्याकांड के परिजनों को नौकरी, जम्मू में शहीद हुए दलित के परिवार को नौकरी, एससीएसटी एक्ट में अध्यादेश लाना प्रमुख था।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

budh

ऐसे में दलित परिवारों ने धर्म परिवर्तन करने का फैसला लिया। खापड़ का कहना है कि हिन्दू समाज के ठेकेदार दलितों का शोषण करने लगे थे। ऐसे में धर्म परिवर्तन मजबूरी बन गया था। बौद्ध धर्म सिखाता है कि इंसान-इंसान में कोई भेदभाव नहीं है, सभी समान है।

वहीँ आसन गैंगरेप कांड में मृतक लड़की का चाचा राजेश, शहीद सूबे सिंह नायक का बेटा शिवचरण और छातर गांव के शहीद सतीश कुमार के भाई सुदेश कुमार ने कहा कि यदि भाजपा का दलितों के प्रति ऐसा ही रवैया रहा तो 2019 में हर जिले के गांव-गांव जाकर दलितों का धर्मांतरण करवाया जाएगा।

Loading...